21 जून 2025 को विशाखापट्टनम के समुद्र किनारे एक खास दृश्य देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर हजारों लोगों के साथ योग किया. इस अवसर पर उन्होंने दुनिया को एकता और स्वास्थ्य का संदेश देते हुए कहा, "योग सभी का है, और सभी के लिए है. योग ने पूरी दुनिया को जोड़ने का काम किया है."
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मानवता को जोड़ने वाला एक पुल है. यह जाति, धर्म, देश और भाषा की सीमाओं को पार करके लोगों को आपस में जोड़ता है. उन्होंने कहा कि जिस तरह योग शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है, उसी तरह आज यह पूरी दुनिया को जोड़ रहा है.
मोदी ने याद दिलाया कि जब 2014 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तो रिकॉर्ड समय में 177 देशों ने इसका समर्थन किया. आज दुनिया के कोने-कोने में लोग योग के जरिए न केवल अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी पा रहे हैं.
समुद्र की लहरों के बीच योग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "विशाखापट्टनम से हम पूरी दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि स्वास्थ्य, समरसता और संतुलन के लिए योग का कोई विकल्प नहीं. हमें योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि यह न केवल आज का बल्कि आने वाले कल का मार्ग है."
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिन की रस्म न बनाएं, बल्कि उसे रोजाना की आदत बनाएं. उन्होंने कहा कि योग जीवन में अनुशासन, ऊर्जा और आत्मबल लाता है, जो युवा पीढ़ी के लिए बेहद जरूरी है. First Updated : Saturday, 21 June 2025