NEET परीक्षा सुधार को लेकर PM मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्स
नीट पेपर लीक विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की घोषणा की है. इसके तहत नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा.

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों के लिए टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस समिति की सिफारिशों के आधार पर भविष्य की परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाएगा.
सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और कई आरोपी जेल पहुंच चुके हैं. इसके साथ ही सरकार ने ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की है और संसद में कड़े कानूनी प्रावधान लाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.
HIGH POWERED TASK FORCE on examination reforms under the leadership of Shri Nandan Nilekani constituted.@NandanNilekani pic.twitter.com/mMpmPdIEL5
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
बनाई जा रही हाई पावर टास्क फोर्स
पीएम मोदी ने कहा कि केवल दोषियों को सजा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली को भविष्य के लिए मजबूत बनाना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश की परीक्षाएं ऐसी हों जिन पर विद्यार्थियों और अभिभावकों का पूरा भरोसा हो. इसी उद्देश्य से नंदन नीलेकणि की अगुवाई में हाई पावर टास्क फोर्स बनाई जा रही है, जो आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ परीक्षा सुधारों का विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी.
क्या है नंदन नीलेकणि
नंदन नीलेकणि देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी उद्यमियों में गिने जाते हैं. वह आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक हैं और आधार परियोजना को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. साल 2009 में उन्हें यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया था, जहां उनके नेतृत्व में आधार कार्यक्रम की शुरुआत हुई. आज आधार दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणालियों में शामिल है.
सरकार से सौंपी जिम्मेदारी
नीलेकणि ने इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और बाद में चेयरमैन के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन चुनावी राजनीति से बाद में दूरी बना ली. अब सरकार ने उन्हें देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए गठित नई हाई पावर टास्क फोर्स की कमान सौंपी है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में तकनीक आधारित सुधारों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.


