ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक समीकरण अचानक बदल गए और बीजू जनता दल (बीजेडी) व कांग्रेस को बड़ा झटका लगा. चुनाव में क्रॉस वोटिंग की वजह से दोनों दलों की रणनीति धरी की धरी रह गई. जानकारी के मुताबिक बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर मतदान किया और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का समर्थन किया.
राज्यसभा की कुल चार सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिनमें से तीन सीटों पर बीजेपी की जीत लगभग तय मानी जा रही है. वहीं बीजेडी और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को इस क्रॉस वोटिंग का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी हार लगभग तय मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक को इस तरह की बगावत की उम्मीद नहीं थी, लेकिन मतदान के बाद कई विधायकों ने खुलकर पार्टी के खिलाफ वोट देने की बात स्वीकार कर ली.
कटक चौद्वार से विधायक सौभिक बिस्वाल ने खुलकर स्वीकार किया कि उन्होंने दिलीप राय को वोट दिया है. उन्होंने कहा कि उनके पिता प्रभात बिस्वाल को पार्टी से बाहर किए जाने का बदला लेने के लिए उन्होंने ऐसा कदम उठाया. वहीं, बांकी सीट से विधायक देबीरंजन त्रिपाठी ने भी पार्टी के फैसले के खिलाफ मतदान किया. उनका कहना है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करना बीजेडी की बड़ी गलती थी और उन्होंने नवीन पटनायक तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए क्रॉस वोटिंग की.
बस्ता सीट की विधायक सुबासिनी जेना ने मतदान से पहले कहा था कि वे पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगी, लेकिन मतदान के दौरान उन्होंने इसके विपरीत जाकर दिलीप राय के पक्ष में वोट कर दिया. उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले ही उनके पति रवींद्र जेना बीजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा जयदेव से विधायक नब मल्लिक, बालीगुड़ा के विधायक चक्रमणि कंहर और तिर्तोल के विधायक रमाकांत भोई ने भी पार्टी लाइन से हटकर वोट डाला, जिससे बीजेडी को बड़ा नुकसान हुआ. बीजेडी से पहले ही निलंबित किए जा चुके विधायक सनातन महाकुड़ और अरविंद महापात्र ने भी पार्टी के खिलाफ मतदान किया.
इधर बिहार में राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर ली. महागठबंधन के चार विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे, जिसके कारण उनके उम्मीदवार अमरेंद्र सिंह धारी को हार का सामना करना पड़ा. एनडीए की ओर से नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम विजयी घोषित हुए.
वहीं, हरियाणा में भी राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है. कुल 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि इनेलो के दो विधायकों ने मतदान का बहिष्कार किया. तीन वोटों को लेकर विवाद खड़ा होने के कारण मतगणना शुरू नहीं हो सकी है. कांग्रेस के परमवीर सिंह, भरत बेनीवाल और भाजपा के अनिल विज के वोट को लेकर आपत्ति जताई गई है और इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराई गई है. First Updated : Monday, 16 March 2026