मेडिकल प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रहे 21 वर्षीय एक छात्र की चेन्नई के पास आत्महत्या कर ली. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्रा देवदर्शिनी कोचिंग क्लास में नीट की तैयारी कर रही थी. 4 मई को नीट की परीक्षा होने वाली हैं और वह तनाव में थी क्योंकि वह पिछले चार प्रयासों में परीक्षा पास करने में असफल रही थी.
देवदर्शिनी के पिता सेल्वराज चेन्नई से लगभग 40 किलोमीटर दूर किलाम्बक्कम में एक बेकरी चलाते हैं. परिवार चेन्नई से किलाम्बक्कम इसलिए आया था क्योंकि शहर में उनकी पिछली बेकरी अच्छी नहीं चल रही थी. एक अधिकारी ने बताया कि देवदर्शिनी ने अपने माता-पिता से कहा था कि वह परीक्षा को लेकर तनाव में है और उन्होंने उसे आश्वस्त किया कि उसे चिंता करने की कोई बात नहीं है. 21 वर्षीय देवदर्शिनी ने शुक्रवार का अधिकांश समय अपने पिता की बेकरी में बिताया और फिर उनसे कहा कि वह घर जा रही है और वापस आएगी. कुछ देर बाद मां ने उसे घर पर फंदे से लटका हुआ पाया.
पिछले आठ सालों में तमिलनाडु में कम से कम 20 NEET उम्मीदवारों की आत्महत्या हो चुकी है. एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार और एआईएडीएमके सरकार ने पहले भी केंद्रीय परीक्षा का विरोध किया है और चाहते हैं कि प्रवेश कक्षा 12 के अंकों के आधार पर किया जाए. पार्टियों ने तर्क दिया है कि NEET संपन्न परिवारों के छात्रों को तरजीह देता है और असमान खेल मैदान सुनिश्चित करता है. आपको बता दें कि 2021 में तमिलनाडु विधानसभा ने NEET से छूट की मांग वाला एक विधेयक पारित किया था.
देवदर्शिनी की आत्महत्या के बाद एआईडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने स्टालिन और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन पर यह वादा करके छात्रों को धोखा देने का आरोप लगाया कि यदि डीएमके सत्ता में आई तो तमिलनाडु में नीट आयोजित नहीं की जाएगी. पलानीस्वामी ने तमिल में एक्स पर लिखा, "डीएमके ने झूठ बोला और छात्रों को धोखा दिया कि अगर वह सत्ता में आई तो तमिलनाडु में एनईईटी नहीं होगा. क्या एनईईटी के कारण लगातार हो रही मौतें डीएमके के लिए चिंता का विषय नहीं हैं?" उन्होंने पूछा, "चुनावी लाभ के लिए बोले गए आपके बड़े झूठ से आपके हाथों पर जो खून के धब्बे जमा होते जा रहे हैं, उन्हें आप कैसे धोएंगे?" First Updated : Sunday, 30 March 2025