अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी से 300 भारतीय सुरक्षित निकाले गए
अमेरिका-ईरान संघर्ष की आंच यूएई तक पहुंचने के बीच अबू धाबी से आई निकासी उड़ान सोमवार रात दिल्ली उतरी. 300 से अधिक भारतीयों के सुरक्षित लौटने पर एयरपोर्ट पर मौजूद परिवारों ने राहत की सांस ली और भावुक दृश्य देखने को मिले.

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात से भारतीयों की सुरक्षित वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है. सोमवार रात अबू धाबी से आई पहली निकासी उड़ानों में से एक दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी, जिसमें 300 से अधिक भारतीय नागरिक सवार थे.
संघर्ष की आंच यूएई तक पहुंचने के बाद भारत लौटे यात्रियों और उनके परिजनों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा. एयरपोर्ट पर परिवारों की आंखों में आंसू थे, हाथों में फूल और चेहरों पर राहत की मुस्कान मानो कई दिनों की चिंता एक ही पल में खत्म हो गई हो.
एतिहाद की फ्लाइट EY 216 दिल्ली में उतरी
संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी से एतिहाद एयरलाइंस की फ्लाइट EY 216 सोमवार रात 8:30 बजे दिल्ली के टर्मिनल-3 पर उतरी. यह एतिहाद द्वारा भारत के लिए संचालित चार विशेष निकासी उड़ानों में से एक थी. अन्य उड़ानें मुंबई (शाम 7:40 बजे), बेंगलुरु (रात 9:45 बजे) और कोच्चि (रात 10:10 बजे) पहुंचीं. आने वाले दिनों में अन्य एयरलाइंस की भी कई उड़ानें प्रस्तावित हैं.
एयरपोर्ट पर भावुक पल, आंखों में आंसू
दिल्ली एयरपोर्ट के टी-3 टर्मिनल पर अपने परिजनों का इंतजार कर रहे परिवारों की बेचैनी उस वक्त खत्म हुई जब यात्री गेट से बाहर निकले. 55 वर्षीय विनोद शर्मा ने बताया कि उनका बेटा शनिवार से अबू धाबी में फंसा हुआ था. उन्होंने कहा, "हम बेहद डरे हुए थे क्योंकि उसने हमें बताया था कि उसे अपने होटल के ऊपर मिसाइलों को रोके जाने की आवाजें सुनाई और दिखाई दे रही थीं. हम लगातार उसकी उड़ान पर नज़र रख रहे थे और तभी राहत मिली जब वह भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई."
अपनी बेटी को गले लगाते हुए दानिशता परवीन (50) ने कहा कि उनकी 26 वर्षीय बेटी, जो एतिहाद मिसाइल सेवा की सदस्य है, निर्धारित तारीख पर लौट नहीं पाई थी. उन्होंने कहा, "उसे 28 फरवरी को आना था, लेकिन वह नहीं आ सकी. उसने बताया कि मिसाइलों के कारण हवाई अड्डे की दीवारें हिल रही थीं. कल उसका जन्मदिन भी है, इसलिए मुझे खुशी है कि वह लौट आई है और हमारे साथ जन्मदिन मना सकती है."
यात्रियों ने सुनाई डरावनी आपबीती
भारत लौटे यात्रियों ने भी उस भयावह माहौल का जिक्र किया जिसका उन्होंने सामना किया. शशि परमा (52) ने आंसू पोंछते हुए कहा, "अपने बच्चों के साथ दिल्ली में आकर मुझे बेहद राहत मिली है और दो दिनों में पहली बार मैं सुरक्षित महसूस कर रही हूं."
राहुल कुमार (42) ने बताया कि उनके लिए यह अनुभव बेहद डरावना था. उन्होंने कहा, "हमने आसमान में कई बार मिसाइलों को गिरते देखा. हमें अपने होटल पर उन्हीं मिसाइलों का मलबा गिरता हुआ भी महसूस हुआ."
अबू धाबी एयरपोर्ट भी हुआ क्षतिग्रस्त
अमेरिका और इज़राइल के हमलों के जवाब में ईरान द्वारा सप्ताहांत में किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में अबू धाबी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी प्रभावित हुआ. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली के आईजीआईए में उड़ान संचालन प्रभावित रहा. क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के चलते कम से कम 87 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं, जबकि 200 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें विलंबित रहीं.
उड़ानों में सुधार के संकेत
रविवार की तुलना में सोमवार को स्थिति में कुछ सुधार देखा गया. रविवार को 104 उड़ानें रद्द और 400 से अधिक उड़ानें विलंबित हुई थीं. एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि रद्द की गई 87 उड़ानों में 37 प्रस्थान और 50 आगमन शामिल थे.
कुछ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को टर्मिनल से बाहर निकलने की अनुमति देने के लिए अस्थायी वीजा जारी किए गए. अधिकारी ने कहा, "इससे जमीनी स्तर पर स्थिति में कुछ सुधार हुआ है. एयरलाइंस यात्रियों को पहले से सूचित कर रही हैं, ताकि वे एयरपोर्ट पर न पहुंचें."
200 से अधिक उड़ानें देरी से
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 के अनुसार सोमवार शाम 4 बजे तक 200 से अधिक उड़ानें विलंबित हुईं, जिनमें लगभग 175 प्रस्थान शामिल थे. औसत देरी का समय 12 मिनट रहा, जबकि रविवार को यह लगभग 25 मिनट था.
दिल्ली हवाई अड्डे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी, "मध्य पूर्व में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण, पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी या समय-सारणी में समायोजन हो सकता है."


