एयर इंडिया ने मंगलवार को एक साथ 5 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया, जिनमें दिल्ली से पेरिस जाने वाली फ्लाइट AI-143 भी शामिल थी. ये फैसला उस वक्त लिया गया जब अनिवार्य प्री-फ्लाइट जांच के दौरान तकनीकी खामी पाई गई. इसके चलते बुधवार को पेरिस से दिल्ली लौटने वाली AI-142 फ्लाइट को भी रद्द करना पड़ा.
जिसके कारण सिर्फ यात्रियों को ही परेशानी नहीं हुई, बल्कि हाल ही में हुए अहमदाबाद विमान हादसे के बाद से एयर इंडिया की Dreamliner सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे के बाद से तकनीकी खराबियों के लगातार मामले सामने आ रहे हैं.
AI915 - दिल्ली से दुबई - B788 ड्रीमलाइनर
AI153 - दिल्ली से वियना - B788 ड्रीमलाइनर
AI143 - दिल्ली से पेरिस - B788 ड्रीमलाइनर
AI159 - अहमदाबाद से लंदन - B788 ड्रीमलाइनर
AI170 - लंदन से अमृतसर - B788 ड्रीमलाइनर
AI133 - बेंगलुरु से लंदन - B788 ड्रीमलाइनर
AI179 - मुंबई से सैन फ्रांसिस्को - B777 ड्रीमलाइनर
एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि अनिवार्य प्री-फ्लाइट चेक्स के दौरान एक तकनीकी समस्या की पहचान हुई है, जिसे ठीक किया जा रहा है. लेकिन चूंकि उड़ान निर्धारित समय से काफी देर तक उड़ान नहीं भर सकी, इसलिए पेरिस के शार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट पर लगे नाइट-ऑपरेशन प्रतिबंधों के कारण इसे रद्द करना पड़ा.
एयर इंडिया ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की घोषणा की है. एयरलाइन ने बताया कि हम यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था कर रहे हैं और उन्हें या तो पूरा रिफंड या फिर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फ्लाइट री-शेड्यूलिंग की सुविधा दी जा रही है. हमें असुविधा के लिए खेद है.
AI-143 के अलावा, अहमदाबाद से लंदन गैटविक जाने वाली एयर इंडिया फ्लाइट भी रद्द कर दी गई थी. एयरलाइन ने कहा कि विमान की अनुपलब्धता और एयरस्पेस से जुड़े प्रतिबंधों के चलते ये फैसला लिया गया. ये वही रूट है जहां कुछ दिन पहले AI-171 विमान उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.
AI-171 दुर्घटना ने भारत की विमानन सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया. अहमदाबाद से लंदन जा रहा Boeing 787-8 Dreamliner मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर आग का गोला बन गया. 241 यात्रियों और 33 जमीन पर मौजूद लोगों की मौत के बाद ये हादसा भारत के सबसे भयावह एविएशन हादसों में शामिल हो गया. एयर इंडिया ने इस हादसे के बाद 'AI-171' कॉल साइन को रिटायर कर दिया है.
सरकार ने कहा है कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर बरामद कर लिए गए हैं और उनकी जांच चल रही है. एक उच्च स्तरीय समिति इसकी निगरानी कर रही है. First Updated : Tuesday, 17 June 2025