बेंगलुरु के नागरथपेट इलाके में शनिवार सुबह एक प्लास्टिक निर्माण इकाई में भीषण आग लगने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा केआर मार्केट के पास स्थित एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में हुआ. मरने वालों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं. मृतकों की पहचान मदन सिंह (38), उनकी पत्नी संगीता (33), दो बेटे रितेश (7) और विहान (5) और पड़ोसी सुरेश कुमार (26) के रूप में हुई है.
मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले मदन सिंह पिछले एक दशक से इस इमारत में रह रहे थे. वह प्लास्टिक उत्पाद और चटाई बनाने का छोटा व्यवसाय चलाते थे, जिसकी फैक्ट्री और उनका निवास एक ही इमारत में स्थित था. घटना के वक्त पूरा परिवार ऊपरी मंजिल पर सो रहा था, जहां आग तेजी से फैल गई.
फायर डिपार्टमेंट को सुबह 3:14 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद आठ दमकल गाड़ियों और 55 से अधिक अग्निशमन कर्मियों को मौके पर भेजा गया. एक वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट से लगी और गोदाम में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण इसे बुझाना चुनौतीपूर्ण हो गया.
घटनास्थल एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में होने के कारण दमकल कर्मियों को भीतर पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भी इसी तरह की आग की घटना सामने आई थी. शाम 5:15 बजे मातृ एवं शिशु ब्लॉक में आग लगने की सूचना मिली, जिस पर नौ दमकल गाड़ियों ने तुरंत काबू पाया. इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं आई क्योंकि एम्स की इमारत की अग्निशमन प्रणाली समय रहते सक्रिय हो गई थी. हालांकि, इमारत के शीशे के ढांचे के कारण धुआं भीतर तेजी से फैल गया, जिससे खासकर नवजात शिशु वार्ड और आईवीएफ सेंटर प्रभावित हुए. First Updated : Saturday, 16 August 2025