6000 लोगों नें सरेंडर किया LPG कनेक्शन 6, सरकार ने दिया 3 महीने का आखिरी मौका

क्या आपके इलाके में भी PNG पाइपलाइन आ गई है? सरकार ने ऐलान किया है कि 3 महीने कुछ क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद हो सकती है. अब तक 6000 से ज्यादा लोगों ने अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिया है. जानिए नए नियम.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

सरकार के पीएनजी को बढ़ावा देने और एलपीजी सप्लाई को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने के प्रयासों के बीच एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार तक 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिया है. मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इन उपभोक्ताओं का आभार जताते हुए कहा, 'कल तक 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपनी एलपीजी सरेंडर कर दी. उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद!' उन्होंने अन्य पीएनजी यूजर्स से अपील भी की कि वे उन लोगों की मदद करें जिनके पास अभी पीएनजी की सुविधा नहीं पहुंची है.

तीन महीने बाद बंद हो सकती है एलपीजी सप्लाई

सरकार की सख्त योजना के अनुसार, जिन घरों में पीएनजी पाइपलाइन की पहुंच उपलब्ध है लेकिन उन्होंने अभी तक कनेक्शन नहीं लिया है, वहां तीन महीने बाद एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रोक दी जाएगी. यह नियम उन इलाकों पर लागू नहीं होगा जहां पीएनजी सप्लाई तकनीकी रूप से संभव नहीं है, बशर्ते किसी अधिकृत संस्था द्वारा 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) जारी किया गया हो.

LPG पर बढ़े दबाव

पश्चिमी एशिया से आयात में आ रही बाधाओं के कारण एलपीजी आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है. सरकार का मुख्य लक्ष्य पाइपलाइन वाले क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को पीएनजी पर शिफ्ट करना है, ताकि बचने वाली एलपीजी को ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भेजा जा सके जहां पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा नहीं है.

गैस आपूर्ति में प्राथमिकता का क्रम

मौजूदा स्थिति को देखते हुए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बांटा गया है. घरेलू पीएनजी और परिवहन क्षेत्र के लिए सीएनजी को 100% गैस आवंटन दिया जा रहा है.

औद्योगिक और वाणिज्यिकः इन उपभोक्ताओं को उनके औसत उपयोग का लगभग 80% गैस मिल रही है.

उर्वरक संयंत्रः इन्हें 70-75% क्षमता पर गैस की आपूर्ति की जा रही है. कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त एलएनजी कार्गो की व्यवस्था की जा रही है.

एलपीजी की स्थिति और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

भू-राजनीतिक स्थितियों के बावजूद एलपीजी डिलीवरी सामान्य बनी हुई है. मिडिया की रिपोर्ट के अनुसार कहीं से भी किसी कमी की सूचना नहीं है. प्रतिदिन 55 लाख से अधिक गैस सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है. कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति को संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70% तक बहाल कर दिया गया है, जिसमें होटल-रेस्तरां, खाद्य सेवाओं और प्रमुख उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है. सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. हाल के दिनों में लगभग 2,900 छापेमारी की गई हैं और करीब 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं. साथ ही राज्यों का केरोसिन आवंटन भी बढ़ाया गया है.

PNG को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों के इंसेंटिव्स

पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को तेज गति दी जा रही है. मार्च महीने में अकेले 2,90,000 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं. इंद्रप्रस्थ गैस (IGL), महानगर गैस (MGL), गेल गैस (GAIL Gas) और बीपीसीएल जैसी कंपनियां एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होने वाले उपभोक्ताओं को आकर्षक इंसेंटिव्स और छूट दे रही हैं.

सरकार की अपील

केंद्र सरकार ने राज्यों से निगरानी बढ़ाने, दैनिक ब्रीफिंग आयोजित करने और गैस बुनियादी ढांचे के लिए अप्रूवल में तेजी लाने को कहा है. जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और विश्वास रखें कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

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