एक घर, एक LPG कनेक्शन नियम सख्त: अतिरिक्त सिलेंडर तुरंत सरेंडर करने के आदेश

केंद्र सरकार ने गैस वितरण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी एक परिवार के नाम पर केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन मान्य होगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गैस वितरण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी एक परिवार के नाम पर केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन मान्य होगा. गैस कंट्रोल ऑर्डर में किए गए इस संशोधन के बाद एक घर में एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है.

ग्राहकों से की गई अपील 

तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने संयुक्त रूप से उपभोक्ताओं के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की है. इसमें सभी ग्राहकों से अपील की गई है कि जिन परिवारों के पास एक से अधिक गैस कनेक्शन हैं, वे तुरंत अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर कर दें. कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 जून से इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है.

नए नियमों के अनुसार, एक परिवार की परिभाषा में पति-पत्नी, उनके अविवाहित या विवाहित बच्चे तथा आश्रित माता-पिता शामिल होंगे. इस पूरे परिवार के लिए केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा. यदि किसी उपभोक्ता के पास एक से अधिक कनेक्शन पाए जाते हैं, तो उसकी गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की जा सकती है. आपूर्ति दोबारा तभी शुरू होगी जब सभी अतिरिक्त कनेक्शन पूरी तरह सरेंडर कर दिए जाएंगे.

सरेंडर प्रक्रिया के बाद यदि उपभोक्ता के पास केवल एक कनेक्शन बचता है, तो उसे आवश्यकता अनुसार डबल बॉटल कनेक्शन (डीबीसी) में परिवर्तित करने की सुविधा भी दी जा सकती है, जिससे गैस की निरंतर आपूर्ति बनी रहे.

इसके अलावा, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं. ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना अनिवार्य होगा. 25 मई 2026 के संशोधन के तहत यह भी प्रावधान किया गया है कि पीएनजी कनेक्शन लेने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन बंद करना जरूरी है. हालांकि, उपभोक्ता चाहें तो ट्रांसफर वाउचर भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में पीएनजी उपलब्ध न हो तो एलपीजी कनेक्शन दोबारा सक्रिय कराया जा सके.

तेल कंपनियों का क्या कहना है? 

सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाना, सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना और गैस की ब्लैक मार्केटिंग पर अंकुश लगाना है. साथ ही स्वच्छ ईंधन के रूप में पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देना भी इस नीति का प्रमुख लक्ष्य है.

तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपने नजदीकी वितरक या ऑनलाइन माध्यम से अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें.

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