अमेरिका में फिर ट्रंप का बड़ा दांव, चुनावी सुरक्षा पर राष्ट्र को करेंगे संबोधित
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार रात चुनाव सुरक्षा को लेकर देश को संबोधित करेंगे। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक भाषण प्राइमटाइम में होगा और इसमें वोटिंग सिस्टम, चुनाव प्रबंधन और विदेशी दखल के मुद्दे उठाए जा सकते हैं।

नई दिल्ली: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार रात चुनाव सुरक्षा को लेकर देश को संबोधित करेंगे। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक भाषण प्राइमटाइम में होगा और इसमें वोटिंग सिस्टम, चुनाव प्रबंधन और विदेशी दखल के मुद्दे उठाए जा सकते हैं। ये भाषण ऐसे समय आ रहा है जब नवंबर में मिडटर्म चुनाव होने हैं और रिपब्लिकन पार्टी को मुश्किल टक्कर का सामना करना है।
भाषण में क्या हो सकता है?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस इस पर विचार कर रहा है कि क्या ट्रंप चीन के 2020 चुनाव में दखल के इरादे से जुड़ी कुछ संवेदनशील खुफिया जानकारी सार्वजनिक करेंगे। ये डेटा 2017 से 2021 के कार्यकाल का बताया जा रहा है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि उस जानकारी में ये नहीं मिला कि बीजिंग ने वोटों में छेड़छाड़ की थी।
ट्रंप के कुछ सलाहकारों को डर है कि आधी-अधूरी जानकारी लीक करने से वो भ्रम पैदा कर सकती है। जॉन सोलोमन के नेतृत्व वाली व्हाइट हाउस टास्क फोर्स पिछले हफ्तों से इंटेलिजेंस एजेंसियों से संबंधित दस्तावेज मांगकर उनकी समीक्षा कर रही है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि अभी कोई तय नहीं है कि ट्रंप भाषण में क्या बोलेंगे। DNI और CIA ने इस पर टिप्पणी से इनकार कर दिया।
फिर सुर्खियों में आए 2020 के दावे!
ट्रंप सालों से 2020 के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते आए हैं। उनका आरोप है कि जो बाइडेन से हार धांधली से हुई। उन्होंने मेल-इन वोटिंग, वोटिंग मशीन और गैर-नागरिकों के वोट को लेकर भी कई दावे किए हैं। कई अदालतों और रीकाउंट में 2020 में बड़े पैमाने पर फ्रॉड का कोई सबूत नहीं मिला।
पद पर लौटने के बाद ट्रंप ने चुनाव प्रबंधन में केंद्र सरकार की भूमिका बढ़ाने की कोशिश की है। वो 'SAVE अमेरिका एक्ट' के लिए भी दबाव बना रहे हैं। इस बिल में वोट के लिए फोटो ID, नागरिकता का सबूत और राज्यों को वोटर लिस्ट केंद्र से साझा करना अनिवार्य होगा। डेमोक्रेट्स का कहना है कि वोटर फ्रॉड बहुत कम होता है और ये कानून असली वोटर्स को रोक देगा।
मिडटर्म से पहले रिपब्लिकन पर दबाव
सीनेट लीडर जॉन थ्यून ने कहा कि पार्टी का फोकस अब 2026 के चुनाव पर है। कई रिपब्लिकन नेता ट्रंप को सलाह दे रहे हैं कि वो 2020 की जगह महंगाई और रोजमर्रा के मुद्दों पर बात करें। डेमोक्रेट्स को हाउस में बहुमत के लिए सिर्फ 3 सीट चाहिए। सीनेट जीतना उनके लिए मुश्किल है क्योंकि कई मुकाबले रिपब्लिकन वाले राज्यों में हैं।
डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने आरोप लगाया कि व्हाइट हाउस चुनाव में हेरफेर की तैयारी कर रहा है। अभी ये भी तय नहीं है कि TV नेटवर्क ट्रंप को एयरटाइम देंगे या नहीं। AOC समेत कई डेमोक्रेट्स ने नेटवर्क से मना करने को कहा है। उनका तर्क है कि इससे गलत जानकारी फिर फैलेगी। ईरान युद्ध और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बीच ट्रंप की रेटिंग पहले ही कम है। ऐसे में ये भाषण मिडटर्म की दिशा तय कर सकता है।


