Iran-US Conflict: ईरान ने ट्रंप के दावों को बताया गलत, कहा- ‘कोई बातचीत नहीं हुई’

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीति को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है. जहां डोनाल्ड ट्रंप बातचीत जारी होने का दावा कर रहे हैं, वहीं ईरान ने साफ कहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कोई वार्ता नहीं हुई है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक दावों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. जहां एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, वहीं ईरान ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.

ईरान का कहना है कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका के साथ उसकी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वार्ता नहीं हुई है. यह बयान ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन बार-बार यह कह रहा है कि बातचीत “बहुत अच्छी” प्रगति कर रही है.

ईरान का स्पष्ट बयान: ‘कोई बातचीत नहीं हुई’

मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले 31 दिनों के संघर्ष के दौरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने साफ किया कि अमेरिका की ओर से केवल बातचीत के प्रस्ताव भेजे गए थे.

"इन इकत्तीस दिनों में हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. जो हुआ है वह अमेरिका की ओर से प्रस्तावों के एक समूह के साथ बातचीत का अनुरोध प्रस्तुत करना है, जो पाकिस्तान सहित कुछ मध्यस्थों के माध्यम से हम तक पहुंचा है," बाक़ाई ने X पर एक पोस्ट में कहा.

 Esmaeil Baqaei post
Esmaeil Baqaei post social media

सैन्य कार्रवाई के बीच ईरान का फोकस रक्षा पर

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में उसका पूरा ध्यान अपनी सुरक्षा और रक्षा पर केंद्रित है. प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की ओर से जारी सैन्य कार्रवाई के बीच किसी भी प्रकार की बातचीत संभव नहीं है.

उन्होंने कहा, “हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है. अमेरिका की सैन्य आक्रामकता और आक्रमण पूरी तीव्रता से जारी है, ऐसे में हमारे सभी प्रयास और क्षमताएं ईरान के अस्तित्व की रक्षा के लिए समर्पित हैं. हमने पिछले अनुभवों को भली-भांति महसूस किया है और एक साल से भी कम समय में दो बार कूटनीति के साथ हुए विश्वासघात को हम नहीं भूले हैं.”

व्हाइट हाउस के दावों से टकराव

ईरान का यह बयान व्हाइट हाउस के उन दावों के विपरीत है, जिनमें कहा गया था कि बातचीत जारी है और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने भी कहा था कि ईरान के साथ वार्ता "जारी है और अच्छी चल रही है."

वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि समझौता जल्द हो सकता है और उन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से बातचीत की बात कही है.

संभावित वार्ताकार और कूटनीतिक प्रयास

ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया था कि अमेरिका ने संभावित वार्ताकार के रूप में मोहम्मद बगेर गालिबफ से संपर्क किया है. साथ ही, अमेरिका एक सप्ताह के भीतर यह आकलन करने की योजना बना रहा है कि वह उनके साथ आगे बढ़ सकता है या नहीं.

बढ़ता तनाव और असफल शांति प्रयास

ईरान और अमेरिका के बीच विरोधाभासी बयानों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती दूरी को और उजागर कर दिया है. वहीं, गुप्त स्तर पर चल रहे संवादों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

28 फरवरी को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत शुरू हुआ ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध अब दूसरे महीने में पहुंच चुका है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या से शुरू हुआ यह संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है और हालात सामान्य होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं.

युद्ध को खत्म करने के प्रयास भी अब तक सफल नहीं हो पाए हैं. अमेरिका की ओर से 15 सूत्रीय शांति योजना पेश की गई थी, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया. इसके जवाब में ईरान ने युद्ध क्षतिपूर्ति, प्रतिबंध हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की मान्यता सहित पांच शर्तें रखी हैं.

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