भारत आ रही मानवीय फ्लाइट पर हुआ हमला! ईरान ने अमेरिका पर लगाया गंभीर आरोप

ईरान ने दावा किया है कि भारत आने वाली एक मानवीय उड़ान को मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिकी हमले में निशाना बनाया गया. घटना से राहत मिशन प्रभावित हुआ, हालांकि अमेरिका ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: ईरान से जुड़ी एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि भारत के लिए रवाना होने वाली एक नागरिक उड़ान को अमेरिकी हमले में निशाना बनाया गया. यह विमान न केवल एक सामान्य उड़ान था, बल्कि कथित तौर पर एक मानवीय मिशन का हिस्सा था, जो दवाइयों और जरूरी चिकित्सा सामग्री को लेकर नई दिल्ली आने वाला था. हमले के कारण यह मानवीय मिशन प्रभावित हो गया और भारत के लिए भेजी जा रही राहत सामग्री समय पर नहीं पहुंच पाई. 

सूत्रों के अनुसार, यह विमान ईरान के मशहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खड़ा था और उड़ान भरने की तैयारी में था. इसी दौरान उस पर कथित हवाई हमला किया गया. बताया जा रहा है कि यह विमान 'महान एयर' द्वारा संचालित था, जो ईरान की प्रमुख निजी एयरलाइनों में से एक है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि सामने नहीं आई है.

भारत-ईरान सहयोग पर असर

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत और ईरान के बीच मानवीय सहायता को लेकर सहयोग बढ़ रहा है. हाल ही में भारत ने भी ईरान को सहायता सामग्री भेजी थी. दोनों देशों के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और मानवीय संबंध रहे हैं, ऐसे में इस तरह की घटना से चल रहे सहयोग पर असर पड़ सकता है.

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने इस हमले को गंभीर अपराध बताया है. संगठन ने इसे “युद्ध अपराध” करार देते हुए कहा कि एक नागरिक विमान को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है. भारत में ईरान के दूतावास ने भी बयान जारी कर कहा कि विमान में विभिन्न देशों से लाई गई दवाएं और चिकित्सा उपकरण मौजूद थे.

महान एयर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है. अमेरिका का आरोप है कि इस एयरलाइन के संबंध ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से हैं और यह क्षेत्रीय गतिविधियों में शामिल रही है. हालांकि, ईरान इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है.

अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला

ईरान ने इस मामले में कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों का जिक्र किया है. इसमें 1944 का शिकागो कन्वेंशन और 1971 का मॉन्ट्रियल कन्वेंशन शामिल हैं, जो नागरिक विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं. इसके अलावा जिनेवा कन्वेंशन के अतिरिक्त प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कहा गया कि मानवीय सहायता ले जाने वाले विमानों पर हमला युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है.

ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस घटना की तुरंत जांच कराने की मांग की है. साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है. 

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