बिहार के सीएम नीतीश कुमार के ‘नकाब’ बयान पर सियासी घमासान,महबूबा मुफ्ती ने दी तीखी प्रतिक्रिया.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है. 'पर्दे' को लेकर उनकी टिप्पणियों पर अब पीडीपी नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ‘नक़ाब’ को लेकर दिए गए उनके बयान पर अब पीडीपी नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. महबूबा मुफ्ती ने इस टिप्पणी को न केवल अनुचित बताया, बल्कि इसे सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया है.

नीतीश कुमार के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां समाज को बांटने का काम करती हैं, वहीं समर्थक इसे बयान के संदर्भ से जोड़कर देखने की बात कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक सार्वजनिक मंच से ‘नक़ाब’ को लेकर टिप्पणी की थी. इस बयान के सामने आने के बाद यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा. बयान को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सियासी मंचों तक चर्चा शुरू हो गई.

कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत राय बताया, जबकि कई दलों ने इसे संवेदनशील सामाजिक मुद्दा बताते हुए आलोचना की. इसी कड़ी में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का बयान सामने आया है.

महबूबा मुफ्ती ने क्या कहा

महबूबा मुफ्ती ने नीतीश कुमार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा और टिप्पणियां देश की विविधता और लोकतांत्रिक सोच के अनुरूप नहीं हैं. उन्होंने कहा कि भारत एक बहुलतावादी समाज है, जहां हर व्यक्ति को अपनी आस्था और पहनावे की स्वतंत्रता है.

महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्वीट में कहा "क्या इसे बुढ़ापे का असर कहा जाए या RSS का रंग चढ़ गया है? एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचना न केवल अपमानजनक है, बल्कि व्यक्तिगत आस्था और पहनावे में दखलंदाजी भी है." 

उन्होंने आगे कहा कि यह व्यवहार एक महिला के सम्मान के खिलाफ है और इस तरह की कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि अब नीतीश कुमार को मुस्लिम महिलाओं का पर्दा पसंद नहीं है और वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को खुश करने के लिए ऐसी राजनीति कर रहे हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं को ऐसे विषयों पर बोलते समय संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए, क्योंकि उनके शब्दों का असर समाज के बड़े वर्ग पर पड़ता है.

राजनीतिक बयानबाज़ी तेज

महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा और ज्यादा गरमा गया है. कुछ राजनीतिक दलों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ नेताओं ने नीतीश कुमार के पक्ष में खड़े होकर कहा कि बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना रह सकता है.

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