RBI के खजाने से 8.70 करोड़ की चोरी, बैंक कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड

अहमदाबाद में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में मौजूद RBI के खजाने से बैंक कर्मचारी ने 8.70 करोड़ रुपये चोरी कर लिए और लंबे समय तक किसी को शक नहीं होने दिया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

गुजरात: अहमदाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के खजाने से करोड़ों रुपये चोरी हो गए. यह चोरी किसी बाहरी गैंग ने नहीं, बल्कि बैंक के ही एक कर्मचारी ने बेहद चालाकी से अंजाम दी. मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की उस शाखा से जुड़ा है, जहां RBI का कैश रखा जाता था. आरोपी कर्मचारी ने करीब 8.70 करोड़ रुपये की रकम पर हाथ साफ कर दिया और लंबे समय तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी.

कचरे के डिब्बों में नकदी भरी 

जानकारी के मुताबिक, आरोपी 13 जनवरी को दो मजदूरों को लेकर सफाई के बहाने खजाने के अंदर गया था. उसी दौरान उसने कचरे के डिब्बों में बड़ी मात्रा में नकदी भर दी और आराम से बैंक परिसर से बाहर निकल गया. उसने पूरी वारदात इतनी सफाई से की कि बैंक के किसी कर्मचारी को उस पर शक नहीं हुआ.

चोरी के बाद भी आरोपी लगातार बैंक आता-जाता रहा. उसे मालूम था कि बैंक के CCTV कैमरों की फुटेज करीब 90 दिनों बाद अपने आप डिलीट हो जाती है. इसी वजह से उसने लगभग 98 दिनों तक नियमित रूप से ऑफिस आना जारी रखा, ताकि किसी को उसके व्यवहार पर संदेह न हो. बाद में उसने मेडिकल लीव ली और लंबी छुट्टी पर निकल गया.

इस दौरान आरोपी ने चोरी के पैसों से आलीशान जीवन जीना शुरू कर दिया. उसने नया मकान खरीदा, महंगी कार ली और शेयर बाजार में भी निवेश किया. इतना ही नहीं, उसने अपनी एक महिला सहकर्मी को घर खरीदने के लिए करीब 23 लाख रुपये भी दिए. उसकी अचानक बढ़ी लाइफस्टाइल ने भी लोगों का ध्यान खींचा.

मामले का खुलासा कब हुआ? 

मामले का खुलासा तब हुआ, जब RBI की ओर से खजाने में रखे कैश का सत्यापन किया गया. जांच में रकम कम पाई गई, जिसके बाद बैंक के CCTV फुटेज खंगाले गए. फुटेज देखने पर पूरी चोरी का राज खुल गया. पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू की और पता चला कि आरोपी घूमने के लिए मनाली गया हुआ है.

पुलिस ने छापा मारकर आरोपी को 22 मई को गिरफ्तार कर लिया. उसके घर के बाहर खड़ी कार से लगभग 2.20 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए. पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह पिछले 15 साल से बैंक में काम कर रहा था और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए उसने यह चोरी की. आरोपी ने यह भी माना कि चोरी की रकम में से करीब 4 करोड़ रुपये वह खर्च कर चुका है. फिलहाल पुलिस बाकी रकम की तलाश में जुटी है और आरोपी की पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जो रेलवे पुलिस में सिपाही बताई जा रही है.

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