North India weather: उत्तर भारत में मौसम में बदलाव के साफ संकेत देखने को मिल रहे हैं. राजधानी दिल्ली, एनसीआर और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में हल्की सर्द हवाओं और हल्की धूप ने ठंड के आगमन का एहसास कराना शुरू कर दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्य समय से पहले हुई बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते मैदानी इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ रही है.
दिल्ली में इस मौसम का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान शुक्रवार को दर्ज किया गया. यह 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो यह दर्शाता है कि सर्दी ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. पिछले सालों की तुलना में इस बार तापमान में गिरावट थोड़ी जल्दी देखने को मिल रही है. उदाहरण के लिए, 2024 में 12 अक्टूबर को तापमान 18.6 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि 2023 में 3 अक्टूबर को ही 18.3 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा छू लिया गया था. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि शनिवार को आसमान साफ रहेगा और अधिकतम तापमान 31 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहेगा.
दिल्ली के अलावा राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. जयपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में तापमान सामान्य से 2 से 7 डिग्री सेल्सियस कम हो गया है. उत्तरी हवाओं के चलते यह गिरावट सामने आई है. आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट होने की संभावना है.
दिल्ली-NCR और राजस्थान में मौसम के इस बदलाव का असर आम लोगों की दिनचर्या पर भी दिखने लगा है. लोग गर्म कपड़े पहनने लगे हैं, घरों में कंबल बाहर निकाल लिए गए हैं और एसी तथा कूलर का उपयोग बंद कर दिया गया है. आमतौर पर दीपावली के बाद आने वाली सर्दी इस बार पहले ही लोगों को महसूस होने लगी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी यूं ही जारी रही और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा, तो आने वाले दिनों में उत्तर भारत में ठंड का असर और गहरा होगा. तापमान में लगातार गिरावट सर्दी के पहले से शुरू हो जाने का संकेत देती है. इस बार सर्दी का आगाज कुछ जल्दी हो गया है और यह रुझान आने वाले मौसम के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है.
First Updated : Monday, 13 October 2025