साल में एक बार खुलता है कर्नाटक का हसनंबा मंदिर, बंद कमरे में 1 साल तक जलता रहता है दीया
हसनंबा मंदिर का इतिहास काफी पुराना है और इसका सीधा संबंध होयसल राजवंश से माना जाता है। मैसूर गजेटियर जैसी सरकारी ऐतिहासिक किताबों में भी इस मंदिर का जिक्र मिलता है।

बेंगलुरु: भारत में ऐसे कई मंदिर हैं जो अपनी मान्यता और रहस्यों के लिए मशहूर हैं। इन्हीं में से एक है कर्नाटक के हासन शहर में स्थित हसनंबा मंदिर। ये मंदिर आम मंदिरों की तरह रोज नहीं खुलता। इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है कि ये साल में सिर्फ दीपावली के समय 10 से 12 दिन के लिए ही भक्तों के लिए खोला जाता है। बाकी पूरे साल इसके कपाट बंद रहते हैं।
होयसल राजवंश से जुड़ा है इतिहास
हसनंबा मंदिर का इतिहास काफी पुराना है और इसका सीधा संबंध होयसल राजवंश से माना जाता है। मैसूर गजेटियर जैसी सरकारी ऐतिहासिक किताबों में भी इस मंदिर का जिक्र मिलता है। इन दस्तावेजों के अनुसार, होयसल काल में इस मंदिर की बड़ी मान्यता थी।
आज भी पुरातत्व विभाग और इतिहासकार इसकी प्राचीन वास्तुकला को देखकर हैरान रह जाते हैं। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में दर्ज होने की वजह से मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है।
एक साल तक बंद रहने पर भी जलता रहता है दीया
मंदिर का सबसे बड़ा रहस्य वो घटना है जो विज्ञान को भी सोचने पर मजबूर कर देती है। दीपावली के बाद जब मंदिर को एक साल के लिए बंद किया जाता है, तब गर्भगृह में माता की मूर्ति के सामने घी का दीया जलाकर रखा जाता है। इसके साथ ताजा पके हुए चावलों का भोग और ताजे फूल भी चढ़ाए जाते हैं। इसके बाद भारी दरवाजों को बंद करके सील कर दिया जाता है।
अगले साल दीपावली पर जब मंदिर दोबारा खोला जाता है, तो नजारा हैरान कर देने वाला होता है। पुजारी जब गर्भगृह का दरवाजा खोलते हैं तो वो दीया वैसे ही जलता हुआ मिलता है, जैसा एक साल पहले छोड़ा गया था।
प्रसाद और फूल भी रहते हैं ताजे
इस रहस्य का दूसरा हिस्सा और भी चौंकाने वाला है। माता को चढ़ाया गया चावल का प्रसाद एक साल बाद भी बिल्कुल ताजा मिलता है। उसमें से न कोई बदबू आती है और न ही वो खराब होता है। चढ़ाए गए फूल भी मुरझाए बिना वैसे ही खिले नजर आते हैं।
स्थानीय लोग इसे हसनंबा देवी का चमत्कार मानते हैं। दीपावली के दौरान जब मंदिर खुलता है तो यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। दूर-दूर से लोग इस रहस्य को अपनी आंखों से देखने और माता का आशीर्वाद लेने आते हैं।
अगर आप इतिहास, अध्यात्म और अनसुलझे रहस्यों में रुचि रखते हैं, तो कर्नाटक का हसनंबा मंदिर जरूर देखना चाहिए। एक साल तक बंद रहने के बाद भी दीये का जलते रहना और भोग का ताजा रहना आज भी लोगों के लिए श्रद्धा का विषय बना हुआ है।


