नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को उस समय अप्रत्याशित स्थिति बन गई, जब युवा कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर अपनी कमीजें उतारकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. कार्यक्रम के बीच हुए इस विरोध प्रदर्शन से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारत मंडपम में चल रहे कार्यक्रम के एक हॉल में अचानक कुछ लोगों ने शर्ट उतारकर उन्हें हवा में लहराया और नारे लगाने लगे. प्रदर्शनकारियों का दावा था कि उनका विरोध अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के खिलाफ था.
घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4-5 लोगों को हिरासत में ले लिया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह जांच की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति कार्यक्रम स्थल में किस प्रकार प्रवेश करने में सफल हुए. यह भी देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने पास या क्यूआर कोड के माध्यम से प्रवेश पाया था.
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए. क्लिप्स में कुछ कार्यकर्ता बनियान पहने दिखाई दे रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाली टी-शर्ट लहराते नजर आ रहे हैं, जिन पर "पीएम भ्रष्ट हैं" लिखा हुआ था. प्रदर्शनकारी अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के विरोध में नारे लगा रहे थे और कार्यक्रम स्थल के भीतर मंच तक पहुंच गए.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पहले से ही यह आरोप लगाती रही है कि अमेरिका के साथ हुए नए व्यापार ढांचे में भारत को अपेक्षित लाभ नहीं मिला. इसी मुद्दे को लेकर यह विरोध दर्ज कराया गया.
भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. पार्टी के आईटी विभाग प्रमुख अमित मालवीय ने इसे “राष्ट्रीय शर्म” करार दिया. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा,"राष्ट्रीय शर्म. ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, प्रौद्योगिकी में अपने नवाचार और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है, कांग्रेस पार्टी ने गरिमा के बजाय व्यवधान को चुना."
मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में यह विरोध हुआ और इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को ठेस पहुंची.
उन्होंने आगे कहा,"जब देश वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है, तब ऐसा आचरण केवल उन लोगों के हितों की पूर्ति करता है जो भारत को कमजोर होते देखना चाहते हैं. राजनीतिक विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं. भारत इससे बेहतर का हकदार है." First Updated : Friday, 20 February 2026