AIADMK-BJP गठबंधन का फॉर्मूला फाइनल, 27 सीटों पर लड़ेगी भाजपा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे का ऐलान किया, जिसमें भाजपा को 27 सीटें मिलीं. 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होगी, जहां मुख्य मुकाबला एआईएडीएमके, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अन्य दलों के बीच रहेगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. चुनाव से ठीक पहले एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने बुधवार को सहयोगी दलों के साथ सीटों के बंटवारे का ऐलान किया. राज्य में मतदान 23 अप्रैल को एक ही चरण में संपन्न होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.

भारतीय जनता पार्टी को 27 सीटें

गठबंधन समझौते के तहत भारतीय जनता पार्टी को 27 सीटें दी गई हैं. पार्टी राज्य के कई अहम क्षेत्रों जैसे कोयंबटूर उत्तर, मदुरै दक्षिण, तंजावुर, नागरकोइल और तिरुवन्नामलाई से चुनाव मैदान में उतरेगी. वहीं, पट्टाली मक्कल काची को 18 सीटों पर मौका मिला है, जिसमें सलेम, धर्मपुरी और विक्रवंडी जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

इसके अलावा अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. वहीं, तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) को 5 सीटें दी गई हैं, लेकिन इन सीटों पर उसके प्रत्याशी भाजपा के चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेंगे. इसी तरह अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक का उम्मीदवार भी भाजपा के प्रतीक पर चुनाव मैदान में होगा.

अन्य सहयोगी दलों में इंधिया जननायक काची को 2 सीटें, तमिलगा मक्कल मुनेत्र कड़गम को 1 सीट और पुरची भरथम को भी 1 सीट आवंटित की गई है. बाकी बची सीटों पर एआईएडीएमके खुद चुनाव लड़ेगी.

एआईएडीएमके ने चुनावी घोषणापत्र जारी किया

इससे पहले एआईएडीएमके ने अपना चुनावी घोषणापत्र भी जारी किया, जिसमें महिलाओं, बुजुर्गों और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखते हुए कई लोकलुभावन वादे किए गए हैं. पार्टी ने सामाजिक कल्याण योजनाओं को विस्तार देने और आर्थिक राहत देने पर जोर दिया है.

राज्य में कितनी विधानसभा सीटें?

राज्य में कुल 234 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 44 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. ताजा मतदाता सूची के मुताबिक, तमिलनाडु में करीब 5.67 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं.

इस चुनाव में मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, भाजपा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के बीच होने की उम्मीद है. चुनावी समीकरणों और गठबंधन की रणनीति को देखते हुए इस बार का मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है.

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