नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना में एक अहम बदलाव हुआ है. एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी को वायुसेना का नया उप प्रमुख नियुक्त किया गया है. वे एयर मार्शल एसपी धारकर की जगह लेंगे, जो 40 साल से ज़्यादा सेवा देने के बाद 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं. यह बदलाव भारतीय वायुसेना के लिए एक नए युग की शुरुआत है. वर्तमान में गांधीनगर में दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के कमांडर के रूप में कार्यरत एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी अब भारतीय वायुसेना के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं. उनका अनुभव और रणनीतिक क्षमता भारतीय वायुसेना की रणनीतिक दिशा को सुदृढ़ मार्गदर्शन प्रदान करेगी, जिससे वायुसेना की ताकत और प्रभाव में वृद्धि होगी.
ऐसे महत्वपूर्ण समय में जब सुरक्षा के मोर्चे पर तेजी से बदलाव हो रहे हैं, एयर मार्शल तिवारी का नेतृत्व वायुसेना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित होगा. वे अपनी सेवाओं में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन और रणनीतिक फैसलों का हिस्सा बने हैं, जिससे भारतीय वायुसेना की ताकत और प्रभाव बढ़ा है. उनका अनुभव और योग्यता उन्हें इस पद के लिए बिल्कुल उपयुक्त बनाती है.
वहीं, भारतीय सेना और वायुसेना के बीच समन्वय और रणनीतिक एकजुटता बनाए रखने के लिए एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (सीआईएससी) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, जो वर्तमान में प्रयागराज में मध्य वायु कमान का नेतृत्व कर रहे हैं, अब लेफ्टिनेंट जनरल जेपी मैथ्यू का स्थान लेंगे, जो 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. इस नई जिम्मेदारी के साथ एयर मार्शल दीक्षित तीनों सेनाओं के समन्वय में अहम भूमिका रखने वाले इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चेयरमैन के अधीन एक प्रमुख पद पर अपनी भूमिका निभाएंगे. वह मिराज-20,000 के पायलट रह चुके हैं और उनकी विशेषज्ञता भारतीय वायुसेना के रणनीतिक विस्तार में मददगार साबित होगी.
भारतीय सेना में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है. सेना की उत्तरी कमान के नए प्रमुख अब लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा होंगे. वे 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचेंद्र कुमार की जगह लेंगे. लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा को चीन और पाकिस्तान से लगती सीमाओं पर ऑपरेशन का नेतृत्व करना होगा, जो देश की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.
इन बदलावों से भारतीय सेना और वायुसेना की संचालन क्षमता और सामरिक ताकत में और वृद्धि होगी. नए नेतृत्व के साथ भारतीय सेनाएं अपनी ताकत और एकजुटता को और मजबूत करेंगी, जिससे देश की सुरक्षा में एक नया अध्याय जुड़ने की संभावना है. First Updated : Tuesday, 29 April 2025