नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने हाल ही में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत-II ट्रेनों को शुरू किया है. ये ट्रेनें यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रा का अनुभव देती हैं. लेकिन इन प्रीमियम ट्रेनों में टिकट कैंसिल करने के नियम सामान्य ट्रेनों से काफी अलग और सख्त हैं.
रेल मंत्रालय ने 16 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में इन नियमों को स्पष्ट किया है, ताकि यात्रियों को पहले से जानकारी हो और वे सोच-समझकर टिकट बुक करें.
क्यों हैं सख्त नियम?
इन ट्रेनों में हर यात्री को कन्फर्म बर्थ की गारंटी मिलती है. कोई RAC (Reservation Against Cancellation) या वेटलिस्ट नहीं होती. इसी वजह से रेलवे ने कैंसिलेशन चार्ज ज्यादा रखे हैं, ताकि अंतिम समय में बर्थ खाली न रहें और ज्यादा से ज्यादा लोग यात्रा कर सकें. अमृत भारत-II के आरक्षित टिकटों पर भी यही नियम लागू होते हैं, जबकि अनारक्षित टिकटों पर पुराने नियम ही चलते रहेंगे.
टिकट कैंसिलेशन के नए नियम
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II (आरक्षित टिकट) के लिए कैंसिलेशन चार्ज कुछ इस प्रकार हैं:
अगर आप टिकट कैंसिल नहीं करते या TDR (Ticket Deposit Receipt) ऑनलाइन कम से कम 8 घंटे पहले फाइल नहीं करते, तो भी रिफंड नहीं मिलेगा.
सामान्य ट्रेनों से क्या फर्क है?
सामान्य ट्रेनों में कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर नियम अलग होते हैं. जैसे, 48 घंटे से 12 घंटे पहले 25% कटौती, 12 से 4 घंटे पहले 50% कटौती और 4 घंटे के अंदर कोई रिफंड नहीं. लेकिन वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II में समय सीमा ज्यादा सख्त है
यात्रियों के लिए सलाह
ये ट्रेनें लग्जरी बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, बेहतर सीटिंग और तेज गति जैसी सुविधाएं देती हैं, लेकिन कैंसिलेशन पर ज्यादा चार्ज भी हैं. इसलिए टिकट बुक करने से पहले अपनी यात्रा की पुष्टि कर लें. अगर प्लान बदल सकता है, तो सामान्य ट्रेनों का विकल्प चुनें.
रेलवे का मकसद है कि बर्थों का बेहतर इस्तेमाल हो और यात्रियों को असुविधा न हो. ये नियम 16 जनवरी 2026 से लागू हैं और सभी नई बुकिंग पर लागू होंगे. यात्रा से पहले IRCTC ऐप या वेबसाइट पर नियम जरूर चेक करें.
First Updated : Wednesday, 21 January 2026