कोसकता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज से एक बड़ा विवाद खड़ा होने वाला है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू करने जा रहे हैं. आज पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मस्जिद की नींव रखी जाएगी, जहां सैकड़ों काजी कुरान का पाठ करेंगे और उसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे से निर्माण कार्य आरंभ होगा.
हुमायूं कबीर का दावा है कि यह मस्जिद दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी, और नींव रखने के अवसर पर दो लाख लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है. इस मुद्दे ने पहले ही राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है, और अब देश के अन्य हिस्सों में भी इसका विरोध तेज हो रहा है, जो सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकता है.
हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि मस्जिद का निर्माण कार्य दो साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा. आज नींव डालने के मौके पर दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. जमीन की खुदाई पहले से ही जारी है, मशीनें और मजदूर काम पर लगे हुए हैं, जबकि ईंटों का ढेर जमा किया गया है. इस अवसर पर एक बड़े जलसे की तैयारी की गई है.
सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक कुरान का पाठ किया जाएगा. इस मौके पर एक हजार से ज्यादा हाजी और कारी उपस्थित रहेंगे. दोपहर 12.30 बजे से बाबरी मस्जिद की नींव डालने का कार्य शुरू होगा. देश के विभिन्न इलाकों से दो लाख लोगों के आने का दावा किया जा रहा है.
इससे पहले 6 दिसंबर को निलंबित विधायक ने फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया था. मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में स्थित उस प्लॉट पर जहां नींव रखी गई है, बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे. नमाज के बाद लोगों के लिए दावत का इंतजाम किया गया था, और हजारों लोग प्रस्तावित स्थल पर नमाज अदा करने पहुंचे थे.
हुमायूं कबीर की यह पहल पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में तूफान ला चुकी है. अब देश के अन्य हिस्सों में बाबरी के नाम पर मस्जिद का विरोध शुरू हो गया है. यूपी के सीएम ने स्पष्ट कहा है कि बाबरी के नाम पर मस्जिद का सपना कयामत तक पूरा नहीं होगा.
मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद का विभिन्न जगहों पर विरोध हो रहा है. दिल्ली के जंतर मंतर पर बाबरी के नाम पर मस्जिद बनाने का विरोध प्रदर्शन किया गया. यूपी में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता फावड़ा और कुदाल लेकर मुर्शिदाबाद के लिए निकल पड़े थे.
लेकिन लखनऊ पुलिस ने उन्हें रोक दिया. विश्व हिंदू रक्षा परिषद के लोगों ने कहा कि उन्हें मस्जिद बनाने पर ऐतराज नहीं है लेकिन बाबर के नाम पर मस्जिद बने, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.यह मुद्दा पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का बड़ा कारण बन रहा है. हुमायूं कबीर इसे मुसलमानों की गरिमा और भावनाओं से जोड़ रहे हैं जबकि हिंदू संगठन इसे उकसावा करार दे रहे हैं. First Updated : Wednesday, 11 February 2026