Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने 71 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है. इस सूची में पार्टी ने अपने प्रमुख चेहरों को टिकट देकर साफ कर दिया है कि वह अपने अनुभवी नेताओं पर भरोसा बनाए रखना चाहती है.
बीजेपी की सूची में सबसे अहम नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है, जिन्हें तारापुर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है. वहीं, दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को लखीसराय से उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा राज्य मंत्री नितिन नवीन को एक बार फिर से पटना की शहरी सीट बांकीपुर से टिकट दिया गया है. पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी को भी दोबारा मौका मिला है. वह बेतिया से चुनाव लड़ेंगी. इन नामों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी अपने वरिष्ठ और प्रभावशाली चेहरों के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रही है.
जहां एक ओर बीजेपी में टिकट बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट होती दिख रही है, वहीं जदयू (जनता दल यूनाइटेड) में इसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. भागलपुर से सांसद अजय मंडल ने पार्टी नेतृत्व से नाराज होकर सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि विधानसभा टिकट वितरण में स्थानीय सांसदों और नेताओं की राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है.
जदयू के भीतर असंतोष का दूसरा बड़ा चेहरा विधायक गोपाल मंडल बनकर उभरे हैं, जो पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि वह तब तक वहां से नहीं हटेंगे, जब तक उन्हें टिकट नहीं मिल जाता. उनका आरोप है कि कुछ लोग उनका टिकट काटने की साजिश कर रहे हैं. गोपाल मंडल ने कहा कि मैं कई सालों से पार्टी का वफादार कार्यकर्ता रहा हूं. अब अगर मुझसे टिकट छीना जाता है, तो यह अन्याय होगा. मैं यहां से टिकट लेकर ही जाऊंगा."
जेडीयू सांसद अजय मंडल से इस्तीफा देने की पेशकश की है. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखकर पद से इस्तीफा देने की अनुमति मांगी है. उनका आरोप है कि सीटों के बंटवारे को लेकर उसने बातचीत नहीं गई.
उधर, भारी हंगामे को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीएम आवास के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई है और नेता सीटों के आवंटन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. आपको बता दें कि इस बार जेडीयू बीजेपी बराबर 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं. इसके साथ ही 29 सीटें लोजपा (रामविलास) को दी गई हैं, जबकि 6-6 सीटें हम और आरएलएम पार्टी को आवंटित की गई हैं. इससे जेडीयू कार्यकर्ता नाराज बताए जा रहे हैं.
जेडीयू में उठ रही बगावत की आवाजें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए परेशानी का कारण बनती दिख रही हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता जहां खुलकर नाराजगी जता रहे हैं, वहीं कार्यकर्ताओं में भी असंतोष की लहर देखी जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले यह आंतरिक कलह पार्टी की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में देखना होगा कि नीतीश कुमार इस नाराजगी को कैसे संभालते हैं.
First Updated : Tuesday, 14 October 2025