बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर चल रही जद्दोजहद और बढ़ते दबाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शनिवार को एक आपात बैठक बुलाई है. इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव भी शामिल होंगे. बैठक का मुख्य उद्देश्य सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर चल रहे विवाद पर चर्चा करना और जल्द से जल्द एक अंतिम निर्णय लेना है. वहीं, महागठबंधन की एक अहम बैठक जो आज होनी थी, वह टल चुकी है, जिसके बाद आरजेडी की यह बैठक बुलाई गई है.
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी के “नॉट रिचेबल” होने की खबरों ने महागठबंधन में और भी उलझन पैदा कर दी है. सूत्रों के अनुसार, सहनी ने पार्टी के अन्य नेताओं के संपर्क से दूरी बना ली है. माना जा रहा है कि उनकी 60 सीटों की मांग और उपमुख्यमंत्री पद की आकांक्षा के कारण ही यह गतिरोध पैदा हुआ है. सहनी की यह जिद गठबंधन में बैठकों और वार्ताओं को प्रभावित कर रही है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी देश लौटने के बाद बिहार चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर चल रहे गतिरोध को सुलझाने के लिए तेजस्वी यादव से मुलाकात कर सकते हैं. कांग्रेस ने फिलहाल महागठबंधन का नेतृत्व तेजस्वी यादव को देने पर सहमति जताई है, ताकि आगे की रणनीति पर काम किया जा सके. इस बातचीत के बाद ही बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन के सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है.
कांग्रेस ने बिहार के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार कर ली है. हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. अंतिम पुष्टि के लिए आज दिल्ली में कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक होगी, जिसमें उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा. पार्टी जल्द से जल्द उम्मीदवारों के नाम घोषित करना चाहती है, खासकर तब जब महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान जारी है.
सूत्रों के मुताबिक महागठबंधन के अंदर सबसे बड़ा विवाद कांग्रेस और वीआईपी के बीच सीट बंटवारे को लेकर है. कांग्रेस 70 सीटों से कम पर राजी नहीं है, जबकि मुकेश सहनी 30 से 40 सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं. इसके अलावा सहनी उपमुख्यमंत्री पद की मांग से भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. इस वजह से आरजेडी पर दोनों पक्षों को मनाने का दबाव बढ़ रहा है.
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने 20 से कम सीटों पर समझौता करने से साफ इनकार कर दिया है. गुरुवार रात तेजस्वी यादव से हुई लगभग 6 घंटे की बैठक के बाद भी सहनी ने कोई बयान नहीं दिया. माना जा रहा है कि उन्हें केवल 14 सीटें दी गई हैं, जो उनकी मांगों से बहुत कम हैं. इस मुद्दे ने महागठबंधन में गतिरोध को और गहरा कर दिया है.
सूत्रों के अनुसार महागठबंधन के नेतृत्व वाले RJD ने सीट बंटवारे का लगभग फॉर्मूला तय कर लिया है. जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है. प्रस्तावित फॉर्मूले के मुताबिक, RJD 137 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस को 54 सीटें मिलेंगी. VIP को 18, माले को 22, CPI को 4, CPM को 6, और JMM को 2 सीटें मिलने की संभावना है. अगर राष्ट्रीय लोजपा गठबंधन में शामिल होती है तो उसे RJD के हिस्से से 3 सीटें दी जाएंगी. First Updated : Saturday, 11 October 2025