पटना: केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतनराम मांझी पर हमला हुआ है। बिहार के गयाजी जिले में एक कार्यक्रम के दौरान असामाजिक तत्वों ने उन पर पत्थर फेंके। घटना शुक्रवार शाम खिजरसराय की है। मांझी वहां एक निजी स्कूल के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। तभी अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई।
पत्थर उनके ठीक पास में गिरे, लेकिन वह बाल बाल बच गए। इस घटना से उनकी सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। पुलिस ने मौके से दो नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है। मांझी को पहले भी हमले की धमकी मिल चुकी है। कुछ दिन पहले ही उनकी समधन और हम विधायक ज्योति देवी पर भी हमला हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना के समय खिजरसराय में नीमचक बथानी डीएसपी सुरेंद्र कुमार सिंह और एसडीओ केशव आनंद मौजूद थे। दोनों अधिकारियों ने पत्थर फेंकने वाले लड़कों से पूछताछ की। हालांकि लड़कों ने मांझी पर पत्थर क्यों फेंके, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
केंद्रीय मंत्री पर पत्थरबाजी की खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कई थानों की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।
इस घटना पर जीतनराम मांझी ने कहा कि क्या आया क्या गया हम नहीं देखे। कुछ लोग नहीं चाहते कि अच्छा काम हो। वही लोग ऐसा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पत्थर काफी दूर से फेंके गए थे।
गौरतलब है कि पिछले रविवार को मांझी की समधन और गयाजी के बाराचट्टी से हम विधायक ज्योति मांझी पर भी हमला हुआ था। गंभीरा गांव के पास असामाजिक तत्वों ने उनके साथ बदसलूकी की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों से आरोपियों की हाथापाई भी हुई। विवाद गाड़ी हटाने को लेकर हुआ था। आरोप है कि उपद्रवियों ने उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ने की कोशिश की।
दरअसल ज्योति मांझी पर हमले के बाद जीतनराम मांझी को फेसबुक पर वीडियो जारी कर खुली धमकी दी गई थी। वीडियो में आरोपी ने भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया। वीडियो वायरल होने के बाद गयाजी साइबर थाना की पुलिस हरकत में आई और 48 घंटे में आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी का नाम राजेश राव उर्फ सरदार बताया जा रहा है। उसे नालंदा जिले के लहेरीसराय थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। First Updated : Friday, 22 May 2026