2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने सीट बंटवारे का मसौदा लगभग अंतिम रूप दे दिया है. 243 विधानसभा सीटों में से 240 पर गठबंधन के सभी दलों के बीच सहमति बन चुकी है, जबकि तीन सीटों को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच अभी भी बातचीत जारी है. हालांकि, गठबंधन की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह घोषणा आगामी शनिवार तक हो सकती है.
सूत्रों के अनुसार, एनडीए के भीतर सीटों का वितरण इस प्रकार है
लोक जनशक्ति पार्टी ने 40 से 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की थी, लेकिन भाजपा ने इसे लगभग 20 से 25 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है. इसी तरह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कम से कम 15 सीटों की मांग की थी, लेकिन उन्हें केवल 7 सीटें मिली हैं. इन मांगों के बीच सीट बंटवारे को अंतिम रूप देना एनडीए के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है.
चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान की घोषणा की है. पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी. बिहार का राजनीतिक परिदृश्य इस समय अस्थिर बना हुआ है, क्योंकि गठबंधनों में हो रहे बदलाव और आंतरिक मतभेद चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं.
वर्तमान में एनडीए के पास विधानसभा में 131 सीटें हैं, जिनमें भाजपा के 80, जदयू के 45, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 4 और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं. वहीं विपक्षी महागठबंधन के पास 111 सीटें हैं, जिसमें राजद के 77, कांग्रेस के 19, भाकपा-माले के 11, माकपा के 2 और भाकपा के 2 विधायक शामिल हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा ने 74 सीटें जीती थीं, जिससे दोनों दलों का मतदाता आधार मजबूत साबित हुआ है. First Updated : Saturday, 11 October 2025