असम में बाढ़ से तबाही: 24 घंटे में 21 मौतें, 5.64 लाख लोग प्रभावित, 872 गांव पानी में डूबे
असम में लगातार बारिश और उफनती नदियों के कारण बाढ़ ने गंभीर रूप ले लिया है, जिससे 16 जिलों के 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. बीते 24 घंटों में 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि 872 गांव जलमग्न हैं और राहत-बचाव कार्य के लिए सेना, NDRF और SDRF की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं.

नई दिल्ली: असम में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है. बता दें, राज्य के 16 जिलों में लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं. वहीं बीते 24 घंटों के दौरान बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें सबसे अधिक 13 मौतें शिवसागर जिले में दर्ज की गई हैं. जानकारी के अनुसार, हालात को देखते हुए राज्य प्रशासन के साथ-साथ सेना, NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं.
कौन-कौन से जिले हुए अत्यधिक प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शिवसागर, डिब्रूगढ़, जोरहाट, गोलाघाट, चराइदेव, धेमाजी, तिनसुकिया, नगांव, बिस्वनाथ, कामरूप और कार्बी आंगलोंग सहित कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. राज्यभर में 5.64 लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में हैं, जबकि 872 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. इतना बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि में घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और कई स्थानों पर सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है.
Nazira ONGC colony completely inundated in flood water.
Situation unchanged, ONGC employees are known for lavish lifestyle, but in front of nature’s fury, everyone surrenders, they all are now waiting for a bottle of fresh water, and essential items.#AssamFloods pic.twitter.com/fTr5cjihIh— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) July 22, 2026
बाढ़ का असर कृषि क्षेत्र पर भी साफ दिखाई दे रहा है. 24 हजार हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य भूमि पानी में डूब गई है, जिससे धान समेत कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. किसानों के सामने आजीविका का संकट गहराता जा रहा है.
असर में ऑपरेशन जल राहत-3 जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना ने राज्य सरकार के अनुरोध पर 'ऑपरेशन जल राहत-3' शुरू किया है. इसके तहत शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में विशेष राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं सेना का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तत्काल उपलब्ध कराए जाएंगे.
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, ब्रह्मपुत्र नदी जोरहाट के निमाटीघाट क्षेत्र में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसके अलावा दिखौ, दिसांग, बुरीदिहिंग और धनसिरी नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. इनमें से कुछ नदियां अपने उच्चतम बाढ़ स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं, जिससे निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है. इसके साथ ही राजधानी गुवाहाटी भी जलभराव की समस्या से जूझ रही है. सतगांव, साउकुची, बोरागांव, मालीगांव, चांदमारी और उत्तर गुवाहाटी के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
राहत-बचाव कार्य जारी
राहत एवं बचाव कार्यों के तहत NDRF और SDRF की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं. SDRF की टीमें 62 नौकाओं की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं, जबकि प्रशासन ने विभिन्न जिलों में राहत शिविर स्थापित कर विस्थापित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की है. हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका जताई है.


