Kunal Kamra Controversy: इंडियन स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा हाल ही में विवादों में घिर गए थे और अब उन्हें बड़ा झटका लगा है. ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म बुकमायशो ने शनिवार को कुणाल कामरा से संबंधित सभी सामग्री हटा दी और उन्हें अपनी वेबसाइट पर सूचीबद्ध कलाकारों की सूची से भी हटा दिया.
यह कदम तब उठाया गया, जब शिवसेना (शिंदे गुट) के युवा नेता राहुल एन कनाल ने बुकमायशो से यह अनुरोध किया था कि वे कामरा को मंच पर जगह न दें, खासकर जब उनके द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में की गई विवादास्पद टिप्पणी सामने आई थी.
राहुल एन कनाल ने बुकमायशो को पत्र लिखकर कहा था कि कामरा की टिप्पणियां न केवल महाराष्ट्र की राजनीति बल्कि मुंबई की सार्वजनिक व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि बुकमायशो को कामरा के शो के लिए टिकटों की बिक्री में मदद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह 'विभाजनकारी बयानबाजी' को बढ़ावा देने जैसा होगा. राहुल ने चेतावनी दी थी कि कामरा के शो को बढ़ावा देना मुंबई जैसे विविधतापूर्ण शहर में सामाजिक सद्भाव को खतरे में डाल सकता है.
बुकमायशो ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कुणाल कामरा की सभी सामग्री हटा दी और उन्हें अपनी कलाकारों की सूची से बाहर कर दिया. इसके बाद, राहुल एन कनाल ने बुकमायशो के इस फैसले का स्वागत किया और मंच से कामरा से जुड़ी सामग्री हटाने के लिए धन्यवाद कहा.
कामरा के खिलाफ विवाद तब और बढ़ गया, जब मुंबई पुलिस ने मानहानि और सार्वजनिक शरारत की टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया. पुलिस ने इस सिलसिले में कामरा को तीसरा समन जारी किया और यह पता करने के लिए उनके घर का दौरा भी किया कि वह पेश होंगे या नहीं.
विवाद के बाद कामरा को धमकियां मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया. तमिलनाडु निवासी कामरा को फोन पर कम से कम 500 मौत की धमकियां मिलीं, जिसके बाद उन्होंने अपने घर राज्य लौटने का फैसला किया. इसके बाद, उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया और मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा प्राप्त करने में सफलता पाई.
कुणाल कामरा ने हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसके बाद से वह सुर्खियों में हैं. उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी और कई लोग उनके खिलाफ थे. अब बुकमायशो द्वारा इस कदम को उठाने के बाद, सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस तरह की टिप्पणियों को सार्वजनिक मंचों से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए या नहीं. First Updated : Saturday, 05 April 2025