नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 सरकार के कार्यकाल का तीसरा और बतौर वित्त मंत्री अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट लोकसभा में पेश किया. बजट भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत बहुत जल्द दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है.
अपने संबोधन में सीतारमण ने सरकार की नीतियों, आर्थिक सुधारों और विकास के रोडमैप को सामने रखा. उन्होंने गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत स्थिति पर जोर दिया.
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और उन्हें बेहतर जीवन का वातावरण मिला है. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 2047 तक एक ग्लोबल लीडर के रूप में उभरेगा.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस गरीबों और किसानों की समृद्धि पर रहा है. इसके साथ ही रोजगार सृजन और ऐसे फैसले लिए गए हैं, जो आर्थिक ग्रोथ को समर्थन देते हैं. इसका असर भारत की जीडीपी पर भी दिखा है, जो 7 प्रतिशत से ऊपर रही.
वित्त मंत्री के अनुसार, सरकार ने घरेलू निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक बाजारों में भारत की पहुंच मजबूत करने का काम किया है, जिससे अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है.
सीतारमण ने बजट को ‘युवा शक्ति बजट’ बताते हुए कहा कि इसमें किसान, गरीब और आम आदमी के हितों को ध्यान में रखा गया है.
बजट भाषण में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस राजस्व घाटा कम करने पर बना हुआ है, ताकि आर्थिक स्थिरता को मजबूत किया जा सके.
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने, वैश्विक अनिश्चितताओं से मुकाबला करने और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम करना सरकार की प्राथमिकता है.
उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर निवेश जुटाने पर फोकस है. साथ ही रोजगार सृजन और व्यापार सुधारों को भी प्राथमिकता दी गई है.
सीतारमण ने कहा कि सरकार का जोर पब्लिक इन्वेस्टमेंट पर है और आर्थिक विकास तीन प्रमुख कर्तव्यों पर केंद्रित रहेगा.
बजट में EMS PLI योजना को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया. इसके साथ ही तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल के लिए कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई.
वित्त मंत्री ने MSME ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की. साथ ही कहा, "हम ISM 2.0 की शुरुआत कर रहे हैं", जिससे सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. First Updated : Sunday, 01 February 2026