Winter Session: पिछले 5 सालों में केंद्र ने NIA को सौंपे 324 मामले, गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में दी जानकारी

Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 324 मामले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे हैं.

Manoj Aarya
Edited By: Manoj Aarya

Parliment Winter Session 2023: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 324 मामले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे हैं. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानद राय ने एक सांसद द्वारा किए गए सवाल के लिखित उत्तर देते हुए यह जानकारी साझा की. मंत्री ने कहा कि ये 324 मामले 1 दिसंबर, 2018 से 30 नवंबर, 2023 के बीच एनआईए को सौंपे गए थे.

मंत्री ने आगे कहा कि गृह मंत्रालय ने मामलों की गंभीरता पर विचार करने के बाद मामलों को एनआईए को सौंप दिया, क्योंकि एजेंसी को देश भर में आतंकवादी घटनाओं और अपने अधिकार क्षेत्र के तहत विभिन्न अन्य मामलों की जांच करने में विशेषज्ञता प्राप्त है.

'81 मामलों में अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया'

यह पूछे जाने पर कि पिछले पांच वर्षों के दौरान कितने मामलों में अदालती फैसले सुनाए गए हैं और कितने मामलों में अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया है. इसके जवाब में राज्य मंत्री ने एक डेटा साझा किया. इन आंकड़ों के मुताबिक, 1 दिसंबर, 2018 से 30 नवंबर, 2023 के बीच कुल 84 मामले ऐसे हैं जिनमें निर्णय सुनाया गया और 81 मामले ऐसे हैं जिनमें अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया. 

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 30 नवंबर तक कुल 15 मामले हैं जिनमें फैसला सुनाया गया, इसके बाद साल 2022 में 31, 2021 में 15, 2020 में नौ और 2019 में 14 मामले में फैसले सुनाए गए. इन आंकड़ों में यह भी जानकारी दी गई है कि इस साल 30 नवंबर तक कुल 15 आरोपियों को दोषी ठहराया गया. जबकि, साल 2022 में 30, 2021 में 15, 2020 में 9 और 2019 में 12 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है. 

22 दिसंबर तक को खत्म होगा संसद का शीतकालीन सत्र

संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हुआ था जो कि 22 दिसंबर खत्म हो रहा है. इस सत्र के दौरान कई विधेयकों को पेश किया गया. जिसमें जम्मू-कश्मीर आरक्ष विधेयक 2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2023 शामिल था. 

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