Central Vista Project: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 12:15 बजे सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर बने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन करेंगे. यह भवन आधुनिक सुविधाओं और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण का बेहतरीन उदाहरण है, जो भविष्य के भारत की कार्यसंस्कृति को नई ऊंचाई देगा.
कर्तव्य पथ के दोनों ओर बन रहे इन कर्तव्य भवनों में केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को स्थानांतरित किया जा रहा है. अभी तक दिल्ली के विभिन्न भवनों में बिखरे ये कार्यालय अब एकीकृत, सुरक्षित और स्मार्ट भवनों में संचालित होंगे. प्रधानमंत्री शाम 6 बजे कर्तव्य पथ पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें मंत्रालयों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल होंगे.
सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत कुल 10 कर्तव्य भवन बनाए जा रहे हैं, जिनमें से पहला कर्तव्य भवन-3 पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जानकारी दी कि अगले महीने तक कर्तव्य भवन-1 और 2 भी बनकर तैयार हो जाएंगे. शेष सात भवन अप्रैल 2027 तक पूरे होने का लक्ष्य है.
इन भवनों को डिजाइन करते समय तकनीक, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है. सुरक्षा की दृष्टि से पूरे भवन की निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक कमांड सीसीटीवी सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे पूरे परिसर और गलियारों पर नजर रखी जा सकेगी.
शुरुआत में इन भवनों को कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) नाम दिया गया था. लेकिन अब इन्हें कर्तव्य भवन नाम देकर एक नई पहचान दी गई है. इन्हें इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए नई मेट्रो लाइन बनाने का प्रस्ताव भी सरकार के पास है.
मंत्री खट्टर के मुताबिक, मौजूदा मंत्रालयों के भवन 1950 से 1970 के बीच बने थे. ये अब पुराने हो चुके हैं और उनका रखरखाव खर्चीला हो गया था. फिलहाल केंद्र सरकार के करीब 55 मंत्रालय और 93 विभाग नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, कृषि भवन, शास्त्री भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन आदि में कार्यरत हैं.
कर्तव्य भवन-3 में निम्न मंत्रालय और कार्यालय स्थानांतरित किए जाएंगे,
गृह मंत्रालय
विदेश मंत्रालय
ग्रामीण विकास मंत्रालय
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME)
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय
अगले महीने तैयार होने वाले कर्तव्य भवन-1 में वित्त मंत्रालय को स्थानांतरित किया जाएगा. इसके लिए भवन में एक प्रिंटिंग प्रेस भी बनाई गई है, जहां बजट समेत अन्य दस्तावेजों की छपाई वित्त मंत्रालय स्वयं करेगा.
कर्तव्य भवनों के निर्माण के बाद नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को मंत्रालयों से मुक्त कर ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें महाभारत काल से लेकर आधुनिक भारत तक की यात्रा, कला और संस्कृति को बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के प्रदर्शित किया जाएगा.
मंत्री ने जानकारी दी कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत प्रधानमंत्री के लिए नया आवास और कार्यालय भी बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस पूरी परियोजना को दिसंबर 2031 तक पूर्ण रूप से तैयार कर लिया जाएगा.
कुल क्षेत्रफल: 1.50 लाख वर्ग मीटर
भूतल क्षेत्रफल: 40,000 वर्ग मीटर
तल: कुल 10 तल (2 भूतल पार्किंग के लिए)
पार्किंग क्षमता: 600 कारें
सुविधाएं: योगा रूम, क्रेच, मेडिकल रूम, कैफे, मल्टीपरपज हॉल
कॉन्फ्रेंस हाल: 24 मुख्य हॉल (प्रत्येक में 45 व्यक्तियों की क्षमता); 26 छोटे हॉल (प्रत्येक में 25 व्यक्तियों की क्षमता); 67 मीटिंग रूम (प्रत्येक की क्षमता 9 लोग)
लिफ्ट: 27
अन्य सुविधाएं: सेंट्रलाइज एयर कंडीशनिंग, 2 स्वचालित सीढ़ियां
First Updated : Wednesday, 06 August 2025