Chennai heavy rainfall: चेन्नईवासियों ने सोमवार की सुबह भारी बारिश के साथ दिवाली उत्सव की शुरुआत की, लेकिन इस वर्ष त्योहार का आनंद बारिश ने प्रभावित कर दिया. पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पूरे शहर में जलभराव कर दिया है, जिससे आवागमन और सामान्य जीवन में भारी व्यवधान पैदा हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में चेन्नई हवाई अड्डे की सड़कों और रनवे पर भरे पानी का स्पष्ट दृश्य दिख रहा है. सबसे अधिक प्रभावित इलाके ईस्ट कोस्ट रोड (ईसीआर) के किनारे वेलाचेरी, मेदवक्कम, पल्लीकरनई और नीलांकरई बताए गए हैं.
भारी बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया है, जिसके चलते यातायात धीमा हो गया है और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. दक्षिणी चेन्नई के कई इलाकों में पानी इतना बढ़ गया है कि लोग घुटनों तक पानी में चलने को मजबूर हैं. निचले इलाकों के निवासी नालियों के उफान और सड़कों पर पानी भर जाने की बात कर रहे हैं. प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है क्योंकि दिन भर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ घंटों में चेन्नई समेत चेंगलपट्टू, कुड्डालोर, तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, पुडुचेरी और कराईकल जिलों में गरज के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई है. विभाग ने 22 अक्टूबर तक तमिलनाडु के तटीय इलाकों में लगातार बारिश होने की चेतावनी भी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है, जो गहरे दबाव में बदलते हुए भारी बारिश का कारण बनेगा.
पहाड़ी क्षेत्र नीलगिरी में कल्लार और कुन्नूर के बीच कई जगहों पर भूस्खलन होने के कारण रेल पटरियां बाधित हो गई हैं. नीलगिरी माउंटेन रेलवे (NMR) की ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं. दक्षिणी रेलवे ने बताया कि गिरे हुए पेड़ और भूस्खलन के कारण ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है. मेट्टुपालयम-उदगमंडलम और उदगमंडलम-मेट्टुपालयम मार्गों पर ट्रेनों की सेवाएं फिलहाल बंद हैं.
नागपट्टिनम, कुड्डालोर, रामनाथपुरम, शिवगंगा और विल्लुपुरम जैसे तटीय जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. इसके बावजूद थूथुकुडी के स्थानीय बाजारों में कामकाज जारी है. वहीं, भारी बारिश को देखते हुए थूथुकुडी जिला प्रशासन ने स्कूलों को बंद कर दिया है. कुड्डालोर में मत्स्य पालन विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी चेतावनी दी है और मशीनी नावों को बंदरगाह पर ही रहने का निर्देश दिया है.
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को बारिश की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें. उन्होंने बताया कि अभी तक कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविर तैयार हैं. धान की कटाई भी अधिकांश क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से हो चुकी है. ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने बाढ़ से निपटने के लिए राहत केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 215 कर दी है, जो कि पहले 116 थे.
First Updated : Monday, 20 October 2025