कश्मीर घाटी में चिल्ला-ए-कलां का असर, उत्तर भारत में ठंडी हवाओं का प्रकोप, IMD ने जारी किया अलर्ट
उत्तर भारत में एक बार फिर सर्दी तेज हो गई है. दिल्ली, राजस्थान, यूपी, बिहार आदि राज्यों में तापमान गिरा है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में शीतलहर, कोहरे और और ज्यादा ठंड की संभावना जताई है.

उत्तर भारत में ठंड ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. रविवार को कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ा. राजधानी दिल्ली सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और कश्मीर में ठंड, कोहरे और शीतलहर का प्रभाव साफ नजर आया. वहीं, घाटी के ऊपरी इलाकों में अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान लगाया है. मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से लगभग दो डिग्री कम रहा. वहीं न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था. शहर के अलग-अलग इलाकों में तापमान में हल्का अंतर देखने को मिला. रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि आयानगर में यह सबसे कम 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि 6 जनवरी तक दिल्ली के कुछ हिस्सों में शीतलहर चल सकती है.
कोहरे से प्रभावित उत्तर भारत
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है. सुबह और रात के समय दृश्यता कम रहने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी क्षेत्रों में सर्दी को और तेज करेंगी.
राजस्थान में ठंड और कोहरे का डबल असर
राजस्थान में सुबह के समय कई जगहों पर मध्यम से घना कोहरा देखा गया. सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा लूंकरनसर, सीकर और वनस्थली जैसे इलाकों में भी तापमान काफी नीचे रहा. मौसम विभाग ने बताया है कि सोमवार को भी राज्य के कई हिस्सों में कोहरा छाया रह सकता है.
कश्मीर में जमावदार सर्दी
कश्मीर घाटी में सर्दी अपने चरम पर है। यहां तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है. श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर चल रहा है, जो सर्दियों का सबसे कठोर समय माना जाता है. इस दौरान झीलें जम जाती हैं और रात का तापमान काफी नीचे चला जाता है. हालांकि अभी तक घाटी के मैदानी इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है.
आगे कैसा रहेगा मौसम
आईएमडी के अनुसार, अगले तीन दिनों में मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है. इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. उत्तराखंड में 5 और 6 जनवरी को पाला पड़ने की संभावना है. वहीं गुजरात में आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है. देश के बाकी हिस्सों में मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होने का अनुमान है.


