टिफिन में बीफ लेकर 9वीं का छात्र, हिन्दू छात्रों को खिलाने की कोशिश, फिर जो हुआ?
असम के गोलपारा जिले के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 9 के पांच छात्र अपने टिफिन में बीफ लेकर स्कूल पहुंचे. आरोप है कि इन छात्रों ने अपनी कक्षा के दो हिंदू छात्रों को भी यह भोजन खाने के लिए दबाव डाला. इसके बाद जो हुआ चलिए जानते है.

नई दिल्ली: असम के गोलपारा जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्रों के टिफिन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा सामाजिक और कानूनी मुद्दा बनता जा रहा है. बता दें, घटना 5 जून की बताई जा रही है, जब कक्षा 9 के पांच छात्र अपने टिफिन में बीफ लेकर स्कूल पहुंचे। वहीं आरोप है कि इन छात्रों ने अपनी कक्षा के दो हिंदू छात्रों को भी यह भोजन खाने के लिए दबाव डाला, जिसके बाद मामला स्कूल प्रशासन और अभिभावकों तक पहुंच गया और स्कूल में विवाद खड़ा हो गया.
परिवार ने जताया कड़ा विरोध
बता दें, घटना की जानकारी जैसे ही छात्रों के परिवार को मिली तो उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि स्कूल में विभिन्न समुदायों के बच्चे पढ़ते हैं, ऐसे में किसी स्कूल में बीफ लाने की अनुमति कैसे मिल सकती है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अन्य छात्रों को उनकी इच्छा के विरुद्ध ऐसा भोजन खिलाने की कोशिश की गई, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को आहात पहुंचा हैं.
पुलिस में शिकायत दर्ज
वहीं मामला बढ़ने पर कुछ अभिभावकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित छात्रों और उनके अभिभावकों से पूछताछ की है, जिसके बाद जांच के दौरान एक छात्र की मां नूर साहिदा बेगम के खिलाफ कार्रवाई की गई है. उन पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अपने बेटे के टिफिन में बीफ रखा ताकि वह लोगों की धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुंचा सकें. घटना के बाद पुलिस ने उन्हें असम कैटल प्रिजर्वेशन एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है.
छात्रों पर भी होगी कार्रवाई
इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन भी एक्टिव हो गया है. जानकारी के अनुसार, पांचों छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना पर विचार किया जा रहा है. इस चलते मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो यह तय करेगी कि छात्रों के खिलाफ आगे क्या कदम उठाए जाएं। इसके अलावा विवाद के बाद गोलपारा जिले में स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार अब छात्रों को टिफिन में किसी भी प्रकार का नॉन-वेज भोजन लाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि इससे पहले ऐसी कोई स्पष्ट पाबंदी लागू नहीं थी.


