नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का आज 8 अप्रैल 2026 को 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वे कुछ समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थी. नोएडा के मेट्रो अस्पताल में बुधवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके दामाद रजी उर रहमान किदवई ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है.
उनके निधन से कांग्रेस पार्टी समेत पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई. परिवार के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में शाम करीब 5 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
मोहसिना किदवई उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से जुड़ी थी. उन्होंने भारतीय राजनीति में लंबा योगदान दिया. वे इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकारों में केंद्रीय मंत्री रही और कई महत्वपूर्ण विभाग संभाले.
उनका राजनीतिक करियर 1960 के दशक से शुरू हुआ. वे तीन बार लोकसभा पहुंची. पहली बार छठी लोकसभा में मेरठ सीट से चुनी गई और सातवी तथा आठवी लोकसभा में भी इस सीट पर सफल रही. बाद में 2004 से 2016 तक वे छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की सदस्य रही.
मोहसिना किदवई ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में जनता की आवाज बुलंद की. वे कांग्रेस कार्य समिति (CWC) और केंद्रीय चुनाव समिति जैसी पार्टी की अहम संस्थाओं की सदस्य भी रही हैं. पार्टी के अंदर उनका सम्मान बहुत ऊंचा था. वे गांधी परिवार के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में शुमार थी.
कांग्रेस के कई उतार-चढ़ाव देखने वाली इन नेताओं ने अपना पूरा जीवन पार्टी की विचारधारा को समर्पित कर दिया. उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति से लेकर दिल्ली की सत्ता तक उनका योगदान बेदाग रहा.
मोहसिना किदवई इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में मंत्री पद पर रही थी. इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, परिवहन, शहरी विकास और ग्रामीण विकास जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली. उनकी सादगी, मेहनत और समर्पण के कारण उन्हें गांधी परिवार का विशेष विश्वास हासिल था.
कांग्रेस की इस दिग्गज नेता ने हमेशा पार्टी की एकता और जनसेवा पर जोर दिया. उनका जाना न सिर्फ कांग्रेस के लिए बल्कि भारतीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा क्षति है. उनकी यादें पार्टी कार्यकर्ताओं और देशवासियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी. First Updated : Wednesday, 08 April 2026