AI वीडियो पर कांग्रेस फंसी: ओम बिरला का डीपफेक पोस्ट करने पर मीडिया सेल को नोटिस, 8 नेताओं से 3 दिन में मांगा जवाब

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का AI से बना फर्जी वीडियो जारी करने के आरोप में तहलका मच गया है. लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस मीडिया सेल को तगड़ा नोटिस थमा दिया. तीन दिन के अंदर सभी संबंधित नेताओं को सफाई देनी होगी, वरना सदन की अवमानना और विशेषाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला बन सकता है.

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नई दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपमानजनक AI वीडियो और कैरिकेचर को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस के मीडिया सेल और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत सहित आठ अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है. बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने इसे सदन की अवमानना और विशेषाधिकार हनन का मामला माना है.

लोकसभा सचिवालय ने 11 फरवरी को आधिकारिक पत्र भेजकर सभी आरोपियों से तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण मांग लिया है. नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि समय पर जवाब नहीं दिया गया तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यह घटना सोशल मीडिया पर एक्स पर प्रकाशित सामग्री से जुड़ी है, जिसने राजनीतिक में तीखी बहस छेड़ दी है.

शिकायत और नोटिस जारी होने का आधार

बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अपमानजनक AI जनरेटेड वीडियो और कैरिकेचर को लेकर शिकायत दर्ज की थी. इस शिकायत के आधार पर लोकसभा विशेषाधिकार विभाग ने त्वरित कार्रवाई की. विभाग ने इसे स्पष्ट रूप से सदन की अवमानना और सदस्यों के विशेषाधिकार का उल्लंघन माना है.

कांग्रेस नेताओं पर लगे आरोप

नोटिस में कांग्रेस सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत के अलावा एआईसीसी के आठ अन्य पदाधिकारियों को नामजद किया गया है. इन सभी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने का आरोप है. लोकसभा सचिवालय के निदेशक बाला गुरु जी ने यह पत्र सभी आरोपियों को भेजा है.

तीन दिनों में जवाब देने का निर्देश

लोकसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए इस पत्र में सुप्रिया श्रीनेत और अन्य पदाधिकारियों को अपनी सफाई पेश करने के लिए तीन दिनों का वक्त दिया गया है. नोटिस में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि इस संचार की प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करें. ये जवाब लोकसभा अध्यक्ष के विचारार्थ पेश किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. सचिवालय ने प्राप्तकर्ता से पत्र की प्राप्ती भी तुरंत भेजने का अनुरोध किया है, ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके. First Updated : Thursday, 19 February 2026