लोकसभा में पिछले 5 दिनों से लगातार हो रहे हंगामे और स्थगन के बीच संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित कर बैठक की अध्यक्षता की. जानकारी के अनुसार, इस बैठक का सकारात्मक नतीजा सामने आया है और सोमवार, 28 जुलाई से लोकसभा की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने पर सहमति बनी है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बीते 5 दिनों से बार-बार हो रही स्थगनाओं को लेकर चिंतित नजर आ रहे थे. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि सदन की गरिमा बनाए रखते हुए कार्यवाही को गंभीरता के साथ चलाया जाए. उन्होंने विशेष रूप से ‘प्रश्नकाल’ के महत्व को रेखांकित किया, जो पूरे दिन की कार्यवाही की दिशा तय करता है.
सोमवार को लोकसभा की कार्यसूची में सबसे महत्वपूर्ण विषय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा होगी. हाल के हफ्तों में इस मुद्दे ने देशभर में बड़ी चर्चा बटोरी है और ये उम्मीद की जा रही है कि इस पर सभी दलों के सदस्य सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे. ये बहस ना सिर्फ राजनीतिक दृष्टिकोणों को सामने लाएगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नीति पर भी गंभीर विमर्श का मार्ग प्रशस्त करेगी.
21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में विपक्ष लगातार कई संवेदनशील और विवादित मुद्दे उठा रहा है. इनमें बिहार में चल रही विशेष तीव्र पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कथित भारत-पाकिस्तान ‘सीजफायर’ पर दिए गए बयान और पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले जैसे गंभीर विषय शामिल हैं. इन मुद्दों ने सदन का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है.
21 जुलाई से शुरू हुए सत्र में प्रश्नकाल लगातार पांचवें दिन भी बाधित रहा. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के कई सदस्य बिहार में मतदाता सूची संशोधन का मुद्दा उठाते हुए आसन के सामने आ गए. इससे पहले कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बिहार में 52 लाख मतदाताओं के जानबूझकर नाम हटाने के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव भी दिया था. मणिकम टैगोर ने इसे संविधान और लोकतंत्र पर मोदी सरकार द्वारा चुनाव आयोग का उपयोग कर किया गया सुनियोजित हमला बताया.
ओम बिरला ने बैठक के दौरान कहा कि सदन की कार्यवाही गरिमा और गंभीरता के साथ होनी चाहिए. नेताओं को चाहिए कि वे अपने सदस्यों को अनुशासित रखें और प्रश्नकाल को प्रभावी रूप से चलने दें, ताकि जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक बहस हो सके.
First Updated : Friday, 25 July 2025