नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों से जुड़े IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन को हत्या का दोषी करार दिया है। हालांकि उनके खिलाफ आपराधिक साजिश यानी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी का आरोप खारिज कर दिया गया। इस मामले में कुल 11 आरोपी थे। अदालत ने उनमें से 5 लोगों को दोषी माना है। बाकी आरोपियों पर भी फैसला सुनाया गया। सजा पर सुनवाई अलग से होगी।
ये मामला 25 फरवरी 2020 का है। CAA के समर्थन और विरोध में शुरू हुई हिंसा के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। कुछ दिन बाद उनका शव उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक नाले से बरामद हुआ था। अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबको हिला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक अंकित के शरीर पर धारदार हथियार और अन्य हमलों के 51 निशान थे। सिर, चेहरा, सीना, पीठ और कमर पर गहरे घाव मिले थे। दिल्ली पुलिस ने इस केस में हत्या, अपहरण, दंगा, सबूत मिटाने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने समेत IPC की कई धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी।
कोर्ट ने सभी दोषियों को IPC की धारा 302, 365, 188, 153A, 147, 148 और 149 के तहत दोषी ठहराया।
ताहिर हुसैन पर साजिश का आरोप नहीं साबित हो सका, लेकिन हत्या और दंगे से जुड़े आरोप कोर्ट ने सही माने।
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 4 दिन तक हिंसा चली थी। ये हिंसा CAA के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प से शुरू हुई थी। उपद्रवियों ने घरों, दुकानों, गाड़ियों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया। आगजनी और तोड़फोड़ हुई। इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
अंकित शर्मा का केस दिल्ली दंगा मामलों में सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। कोर्ट का ये फैसला 2020 दंगा केस में अब तक का एक अहम कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सभी दोषियों की सजा पर बहस के बाद कोर्ट आगे फैसला सुनाएगा। First Updated : Monday, 13 July 2026