श्रद्धा वालकर हत्याकांड: चार साल बाद भी अंतिम संस्कार का इंतजार, अदालत में लटका मामला

दिल्ली के चर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया की लंबी अवधि एक बार फिर चर्चा में है. कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण परिवार अब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है. जिसके चलते दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: दिल्ली के चर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया की लंबी अवधि एक बार फिर चर्चा में है. घटना के करीब चार वर्ष बीत जाने के बावजूद श्रद्धा के शव के अवशेष अब भी अदालत और पुलिस के कब्जे में केस प्रॉपर्टी के रूप में सुरक्षित रखे गए हैं. कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण परिवार अब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है. इस बीच, हालिया सुनवाई टलने के बाद पीड़ित पक्ष ने मामले में तेजी लाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है.

कब होगी मामले को लेकर सुनवाई 

साकेत जिला अदालत ने मामले की सुनवाई में तेजी लाने के उद्देश्य से 20 जुलाई से 27 जुलाई तक लगातार सुनवाई का कार्यक्रम तय किया था. हालांकि, सुनवाई शुरू होने से पहले आरोपी आफताब पूनावाला ने अदालत को बताया कि 20 जुलाई को तिहाड़ जेल स्थित इग्नू परीक्षा केंद्र में उसकी एमए (समाजशास्त्र) की परीक्षा है. इस सूचना के बाद अदालत ने 20 जुलाई की सुनवाई स्थगित करते हुए अगली तारीख 21 जुलाई निर्धारित कर दी.

पीड़ित पक्ष ने जताई आपत्ति 

पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि परीक्षा का कार्यक्रम पहले से तय होता है, इसलिए इसकी जानकारी अदालत को समय रहते दी जानी चाहिए थी. उनका आरोप है कि सुनवाई में बार-बार देरी से मुकदमे के निपटारे में अनावश्यक विलंब हो रहा है.

कितने महीने से चल रहा ट्रायल 

वकील के अनुसार, इस मामले का ट्रायल पिछले तीन वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक फैसला नहीं हो सका है. इसी वजह से श्रद्धा के पार्थिव अवशेष परिवार को नहीं सौंपे गए हैं. उन्होंने बताया कि बेटी की मौत और लंबे समय तक न्याय का इंतजार श्रद्धा के पिता के लिए गहरा मानसिक आघात साबित हुआ, जिसके चलते फरवरी 2025 में उनका हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया.

पीड़ित पक्ष की क्या मांग? 

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बचाव पक्ष लगातार विभिन्न कारणों का हवाला देकर सुनवाई टालने की कोशिश कर रहा है. अब परिवार चाहता है कि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके और श्रद्धा के अवशेषों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जा सके. इसी उद्देश्य से पीड़ित पक्ष जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट में शीघ्र सुनवाई की मांग को लेकर याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है.

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