दिल्ली के तुगलकाबाद की बिल्डिंग में लगी भीषण आग, जिंदा जले 3 लोग, वीडियो देख कांप जाएगी रूह

दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में शुक्रवार तड़के एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई. इस हादसे में तीन लोगों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर दर्दनाक अग्निकांड सामने आया है. दक्षिणी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में शुक्रवार तड़के एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई. इस हादसे में तीन लोगों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई है. वहीं, तंग गलियां होने के बावजूद दिल्ली फायर सर्विस के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

आधी रात को पार्किंग से फैली आग

दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, शुक्रवार तड़के करीब 2:25 बजे तुगलकाबाद की गली नंबर-1 में स्थित नयनतारा अपार्टमेंट के पास एक इमारत में आग लगने की आपातकालीन सूचना मिली. रिहायशी इलाका होने के कारण इमारत के भीतर कई परिवार सो रहे थे. सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने बिना वक्त गंवाए 7 गाड़ियां मौके पर रवाना कीं.

आग कैसे लगी

फायर ब्रिगेड के अधिकारी यशवंत मीणा ने बताया कि आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर बने पार्किंग एरिया से हुई थी. वहां खड़ी 3 स्कूटी, 2 बाइक और 1 साइकिल ने अचानक आग पकड़ ली. देखते ही देखते आग और जहरीला धुआं ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक फैल गया. इस हादसे में ग्राउंड, फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर पूरी तरह जलकर खाक हो गए. जबकि ऊपरी मंजिलों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है.

छत का ताला काटकर बचाई जान

संकरी गली होने के कारण दमकल कर्मियों को ऑपरेशन चलाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. जब नीचे से निकलना नामुमकिन हो गया, तो दमकल की टीम पड़ोस के रास्ते छत पर चढ़ी. जवानों ने छत के दरवाजे का ताला काटा और भीतर फंसे लोगों को निकालना शुरू किया. सबसे पहले छत पर फंसी दो लड़कियों को सुरक्षित निकालकर पीसीआर वैन से अस्पताल भेजा गया. इस सूझबूझ से कुल 8 लोगों की जान बचाई जा सकी.

एक महीने में तीसरा बड़ा हादसा

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों के भीतर यह तीसरा बड़ा अग्निकांड है.

3 जून (मालवीय नगर): हौज रानी गांव के 'फ्लोरिश स्टे' होटल में आग लगने से 13 विदेशियों समेत 23 लोगों की मौत हुई थी.

3 मई (विवेक विहार): एसी ब्लास्ट के कारण एक घर में आग लगी, जिसमें दो परिवारों के 9 लोगों की जान चली गई थी.

डीएफएस का बड़ा कदम

 मालवीय नगर और विवेक विहार के हादसों से सबक लेते हुए दिल्ली फायर सर्विस ने दिल्ली सरकार को एक सख्त प्रस्ताव भेजा है. इसके तहत अब सभी इमारतों में स्मोक डिटेक्टर और 'स्प्रिंकलर सिस्टम' लगाना अनिवार्य करने की मांग की गई है. अधिकारियों का दावा है कि यदि इन इमारतों में यह सिस्टम होता, तो समय रहते अलार्म बज जाता और 97 फीसदी मौतों को रोका जा सकता था.

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