नई दिल्ली: देशभर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. गुरुवार को हुई मूसलधार बारिश जहां कुछ इलाकों के लिए राहत लेकर आई, वहीं देश के एक बड़े हिस्से में इसने तबाही का मंजर पैदा कर दिया. भारी वर्षा, जलभराव, दीवार गिरने और वज्रपात की चपेट में आने से उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत विभिन्न राज्यों में 45 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
हादसों और वज्रपात से 19 की मौत
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश काल बनकर बरसी है. राज्य के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों और बिजली गिरने से कुल 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है. इसके साथ ही लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है.
उत्तर प्रदेश में हुए मुख्य हादसे
दिल्ली-NCR में तैयारियों की खुली पोल
गुरुवार तड़के से शुरू हुई तेज बारिश ने दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रशासनिक दावों और ड्रेनेज सिस्टम की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी. कई वीआईपी इलाकों और अंडरपास में कई फीट तक पानी जमा हो गया. जिससे दिल्ली का भोगल अंडरपास पूरी तरह डूब गया और वहां एक महंगी बीएमडब्ल्यू कार फंस गई.
पूरे दिन यातायात व्यवस्था रेंगती नजर आई
वसुंधरा सेक्टर 13 में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां अचानक करीब 15 फीट तक सड़क धंस गई और सड़क पर खड़ी एक कार उस गहरे गड्ढे में समा गई. इसके अलावा, एनसीआर की कई आवासीय सोसायटियों और अपार्टमेंट के बेसमेंट में पानी भर जाने से 200 से अधिक गाड़ियां पूरी तरह जलमग्न होकर खराब हो गईं. सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने, पेड़ गिरने और जलभराव के कारण पूरे दिन यातायात व्यवस्था रेंगती नजर आई.
सूरत में गई 9 लोगों की जान
गुजरात के सूरत शहर में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. सूरत के कई रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. जिसके चलते प्रशासन को युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा. अब तक निचले और संवेदनशील इलाकों से करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है. First Updated : Friday, 10 July 2026