नई दिल्ली: दिल्ली- मेरठ के बीच चलने वाली नमो भारत ट्रेन का एक वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. चलती ट्रेन के भीतर आपत्तिजनक हरकत से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद एनसीआरटीसी ने कार्रवाई तेज कर दी है और मुरादनगर थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.
ट्रेन में मौजूद एक युवक–युवती के साथ-साथ वीडियो को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालने वाले कर्मचारी को भी आरोपी बनाया गया है. एनसीआरटीसी ने संबंधित कर्मचारी को पहले ही सेवा से बर्खास्त कर दिया था, जबकि अब पुलिस स्तर पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
करीब एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप सामने आई थी, जिसके बाद इससे जुड़े कुछ और क्लिप्स भी प्रसारित हुए. इन वीडियो में नमो भारत ट्रेन की सीट पर बैठे एक युवक और युवती को आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया. दोनों की वेशभूषा के आधार पर सोशल मीडिया पर उन्हें कॉलेज स्टूडेंट बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
जांच में सामने आया कि वीडियो ट्रेन की सीसीटीवी फीड से रिकॉर्ड किया गया था. इस मामले में रिषभ कुमार नाम के कर्मचारी पर वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल करने का आरोप है. एनसीआरटीसी ने उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया था. अब उसके खिलाफ भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.
वीडियो वायरल होने के करीब एक सप्ताह बाद मेंटेनेंस एजेंसी डीआरआरसीटी के अधिकारी दुष्यंत कुमार ने मुरादनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. इसके आधार पर पुलिस ने छात्र-छात्रा और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
एसीपी मसूरी सर्किल लिपि नगायच के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कृत्य), धारा 77 और आईटी एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लीलता का प्रकाशन या प्रसारण) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीडियो में दिखाई देने वाले युवक और युवती की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनके यात्रा मार्ग और गतिविधियों की जांच की जा रही है.
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, बीएनएस की धारा 296 के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन महीने की कैद, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है. वहीं धारा 77 के अंतर्गत न्यूनतम एक वर्ष से लेकर अधिकतम तीन वर्ष तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है.
First Updated : Wednesday, 24 December 2025