नौकरी का झांसा, फिर बच्चियों को देह व्यापार में धकेला… दिल्ली में बड़ा सेक्स रैकेट बेनकाब, 8 लड़कियां रेस्क्यू

दिल्ली में पुलिस ने एक बड़े ह्यूमन ट्रैफिकिंग रैकेट का खुलासा किया है, जहां नौकरी का झांसा देकर लड़कियों को फंसाया जा रहा था. रेस्क्यू ऑपरेशन में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जो चौंकाने वाले हैं.

Shraddha Mishra

देश की राजधानी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. दिल्ली में एक बड़े ह्यूमन ट्रैफिकिंग और देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जहां मासूम लड़कियों को धोखे से इस दलदल में धकेला जा रहा था. पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने समय रहते कई जिंदगियों को बचा लिया और इस संगठित नेटवर्क की सच्चाई उजागर कर दी.

मामले की शुरुआत 8 अप्रैल की रात मिली एक गुप्त सूचना से हुई. जानकारी थी कि अजमेरी गेट के पास एस.एन. मार्ग स्थित एक मकान में अवैध गतिविधियां चल रही हैं. सूचना मिलते ही सेंट्रल जिले की पुलिस ने तुरंत योजना बनाकर छापा मारा. जब टीम अंदर पहुंची, तो वहां का माहौल देखकर सभी हैरान रह गए. कई लड़कियां और कुछ पुरुष संदिग्ध हालत में मिले, जिससे साफ हो गया कि वहां देह व्यापार का अड्डा चलाया जा रहा था.

17 साल की नाबालिग पीड़िता ने सुनाई आपबीती

इस छापेमारी के दौरान कुल 8 लड़कियों को वहां से सुरक्षित निकाला गया. इनमें एक 17 साल की नाबालिग भी थी, जिसकी कहानी बेहद दर्दनाक है. उसने पुलिस को बताया कि उसे नौकरी दिलाने का लालच देकर पश्चिम बंगाल से दिल्ली लाया गया था. यहां आने के बाद एक महिला और उसके साथियों ने उसे जबरदस्ती इस धंधे में धकेल दिया. जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों से ही नहीं, बल्कि नेपाल से भी लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाता था और उन्हें मजबूरी में इस काम के लिए तैयार करता था.

संगठित नेटवर्क का खुलासा

पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक बड़ा और योजनाबद्ध गिरोह था. आरोपी गरीब और जरूरतमंद लड़कियों को अच्छे काम का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे. इसके बाद उन्हें दिल्ली लाकर बंद कमरों में रखा जाता और ग्राहकों के साथ भेजा जाता था. इस पूरे नेटवर्क को एक महिला और उसका पति चला रहे थे, जो इस गिरोह के मुख्य संचालक बताए जा रहे हैं.

दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों उस जगह पर मैनेजर की तरह काम कर रहे थे और पूरे धंधे की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. इनका काम ग्राहकों से पैसे लेना, उनकी एंट्री कराना और अंदर की गतिविधियों को नियंत्रित करना था. हालांकि, मुख्य आरोपी-एक महिला और उसका पति-पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए. पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं.

मौके से बरामद हुआ गांजा और आपत्तिजनक सामान

छापे के दौरान पुलिस को कई अहम चीजें भी मिलीं, जो इस गिरोह के बड़े नेटवर्क की पुष्टि करती हैं. मौके से करीब 2 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में विदेशी करेंसी, 33 ग्राम गांजा और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए. इसके अलावा सैकड़ों बीयर की बोतलें और बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है. इन सब चीजों से यह साफ हो गया कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से संगठित तरीके से चलाया जा रहा था.

आगे की कार्रवाई जारी

रेस्क्यू की गई सभी लड़कियों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल और काउंसलिंग की जा रही है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके. साथ ही फरार मुख्य आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयास किया जा रहा है. 

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