NCRB रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता: दहेज हत्या के मामलों में दिल्ली फिर टॉप पर
NCRB की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है. दिल्ली लगातार पांचवें साल दहेज हत्या के मामलों में देश के महानगरों में सबसे ऊपर रही, जहां 109 मामले दर्ज हुए.

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर दहेज हत्या के मामलों में बड़े महानगरों में सबसे ऊपर पहुंच गई है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट क्राइम इन इंडिया 2024 के अनुसार, राजधानी में बीते वर्ष दहेज के लिए हत्या के 109 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 111 महिलाओं की मौत हुई. लगातार पांचवें साल दिल्ली का इस सूची में शीर्ष पर बने रहना गंभीर सामाजिक चिंता का विषय माना जा रहा है.
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि कानून सख्त होने और जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद दहेज प्रथा से जुड़ी हिंसा और मौतों में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है. दिल्ली के बाद कानपुर और पटना जैसे शहरों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
NCRB रिपोर्ट में दिल्ली सबसे ऊपर
NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में दिल्ली में दहेज हत्या के 109 मामले सामने आए. इन मामलों में कुल 111 महिलाओं की जान गई. राजधानी में प्रति लाख आबादी पर दहेज मौत का अपराध दर 1.4 दर्ज किया गया. हालांकि कोविड काल के मुकाबले मामलों में कुछ गिरावट देखने को मिली है, लेकिन आंकड़े अब भी सामाजिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं.
कोविड काल में सबसे भयावह रहे हालात
दिल्ली में दहेज हत्या के मामलों का सबसे खराब दौर वर्ष 2021 में देखा गया था. उस साल 136 मामले दर्ज हुए थे और 139 महिलाओं की मौत हुई थी. अपराध दर 1.8 तक पहुंच गई थी. इसके बाद पिछले कुछ वर्षों में मामलों में धीरे-धीरे कमी आई है, लेकिन राजधानी अब भी देश के महानगरों में शीर्ष पर बनी हुई है.
वर्ष मामले पीड़ित अपराध दर
2020 109 111 1.4
2021 136 139 1.8
2022 129 129 1.7
2023 114 114 1.5
2024 109 111 1.4
कानपुर और पटना में भी गंभीर स्थिति
दहेज हत्या के मामलों में कानपुर दूसरे स्थान पर रहा. यहां वर्ष 2024 में 54 मामले दर्ज किए गए और 54 महिलाओं की मौत हुई. कानपुर का अपराध दर 4 प्रति लाख आबादी रहा, जो दिल्ली से काफी अधिक है. पटना तीसरे स्थान पर रहा, जहां 30 मामले और 30 पीड़ित दर्ज किए गए. यहां अपराध दर 3.1 रही. इसके अलावा लखनऊ और जयपुर भी लगातार इस सूची में शामिल रहे.
अपराध दर में कानपुर सबसे आगे
महानगरों में अपराध दर के लिहाज से कानपुर सबसे ऊपर रहा. रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर में प्रति लाख आबादी पर अपराध दर 4 दर्ज की गई. पटना में यह दर 3.1 और लखनऊ में 2.1 रही. इससे साफ होता है कि कई शहरों में दहेज हिंसा की समस्या अब भी गहराई से मौजूद है.
दहेज मौतों वाले प्रमुख महानगर
शहर मामले पीड़ित अपराध दर
दिल्ली 109 111 1.4
कानपुर 54 54 4.0
पटना 30 30 3.1
लखनऊ 29 29 2.1
जयपुर 18 18 1.2
गाजियाबाद 16 16 0.7
हैदराबाद 14 14 0.2
बेंगलुरु 11 11 0.1
मुंबई 9 9 0.0
अहमदाबाद 8 8 0.1
चेन्नई 7 7 0.1
इंदौर 7 7 0.3
नागपुर 6 6 0.2
पुणे 5 5 0.1
कोलकाता 4 4 0.0
सूरत 4 4 0.1
भोपाल 3 3 0.1
कोच्चि 1 1 0.0
कोयंबटूर 0 0 0.0
रिपोर्ट में बताया गया है कि दहेज हत्या के मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 के तहत दर्ज किए जाते हैं. इससे पहले यह प्रावधान IPC की धारा 304B में शामिल था. यदि शादी के सात वर्षों के भीतर महिला की असामान्य परिस्थितियों में मौत होती है और उससे पहले दहेज के लिए प्रताड़ना साबित होती है, तो मामला दहेज हत्या के तहत दर्ज किया जाता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानूनों को सख्त बनाना पर्याप्त नहीं है. सामाजिक दबाव, घरेलू हिंसा और दहेज की मानसिकता जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए समाज की सोच में व्यापक बदलाव जरूरी है.
लगातार पांच वर्षों तक दिल्ली का इस सूची में शीर्ष पर बने रहना इस बात का संकेत है कि दहेज प्रथा आज भी समाज के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है.


