Monsoon Update: देशभर के किसानों के लिए मौसम विभाग की ओर से एक बड़ी राहत की खबर आई है. जहां एक ओर गर्मी अपने चरम पर है, वहीं अब मॉनसून को लेकर जो अपडेट सामने आया है, वह सीधे किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साफ किया है कि इस साल मानसून सामान्य से 5 दिन पहले दस्तक देने जा रहा है. यानी 1 जून की बजाय अब 27 मई को ही देश के दक्षिणी तट (केरल) पर पहली बारिश होगी.
भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की लगभग 50% खेती मानसून की बारिश पर निर्भर करती है. खासकर वो ज़मीनें जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है, वहां किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार करते हैं. ऐसे में अगर बारिश समय से पहले आए तो किसानों को समय पर बुवाई करने का मौका मिलता है, जिससे फसल अच्छी होने की उम्मीद बढ़ जाती है.
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के जल्द आने से धान, मक्का, कपास, गन्ना और सोयाबीन जैसी फसलों की बुवाई जल्दी शुरू हो सकेगी. इससे पैदावार अच्छी होने की पूरी संभावना है, जो अंत में किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगा.
भारत की करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी में मॉनसून की बड़ी भूमिका है. देश को सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा मॉनसून से ही मिलता है. यही बारिश न सिर्फ खेतों को सींचती है बल्कि जलाशयों और भूजल को भी रिचार्ज करती है, जिससे सालभर पीने और सिंचाई के लिए पानी मिलता है.
पिछले साल मानसून 30 मई को केरल पहुंचा था और वह सीजन 2020 के बाद से सबसे बेहतर साबित हुआ था. इस बार भारतीय मौसम विभाग ने अप्रैल में ही भविष्यवाणी कर दी थी कि 2025 में लगातार दूसरे साल औसत से ज़्यादा बारिश देखने को मिल सकती है.
अब जब 27 मई से ही बारिश की शुरुआत होगी तो जाहिर है कि खेती का सारा कैलेंडर थोड़ा पहले शुरू हो जाएगा. किसान पहले से तैयारी कर सकते हैं, बीज और खाद समय पर जुटा सकते हैं और मौसम का पूरा फायदा उठा सकते हैं. First Updated : Saturday, 10 May 2025