INDIA bloc press conference: विपक्षी INDIA ब्लॉक ने एक बार फिर चुनाव आयोग (EC) पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. वोट चोरी के आरोपों और बिहार के SIR विवाद को लेकर सोमवार को आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यशैली को पक्षपातपूर्ण और अनुचित बताया. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद (RJD), वामदल (CPI), समाजवादी पार्टी (SP), डीएमके (DMK), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कई अन्य दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
सीपीआई (एम) के नेता जॉन ब्रिट्टास ने सीधे तौर पर कहा कि चुनाव आयोग पूरी तरह से पक्षपाती और चयनात्मक रवैया अपना रहा है. उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण, चयनात्मक और अनुचित है. विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे भाजपा के प्रवक्ता की तरह काम कर रहे हैं तथा SIR और वोटर लिस्ट की अनियमितताओं पर उनके सवालों का जवाब देने में नाकाम रहे.
राजद के वरिष्ठ नेता मनोज झा ने कहा कि संविधान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है, ना कि उन्हें तोड़ने-मरोड़ने वालों के लिए ढाल बनने के लिए. उन्होंने कहा कि संविधान सुरक्षा के लिए है, लेकिन ये आपके संवैधानिक नैतिकता की अवहेलना का कवच नहीं बन सकता.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग को अपनी जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पहले उठाए गए डुप्लीकेट EPIC कार्ड के मुद्दे पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. मोइत्रा ने आगे कहा कि क्या जिस सूची पर लोकसभा चुनाव हुआ वो फर्जी है? अगर हां, तो मौजूदा और पूर्व चुनाव आयुक्तों पर मुकदमा चलना चाहिए और इस लोकसभा को तत्काल भंग कर देना चाहिए.
समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग राहुल गांधी से शिकायत पर हलफनामा मांग रहा है, लेकिन जब 2022 के यूपी चुनाव में एसपी ने 18,000 से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने पर हलफनामे दिए थे, तब कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि 2022 यूपी चुनावों में जब अखिलेश यादव ने कहा कि एसपी समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, हमने शपथपत्र दिए, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया.
विपक्षी दलों का आरोप है कि अगर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी है, तो लोकतंत्र की नींव ही हिल रही है. महुआ मोइत्रा ने यहां तक कह दिया कि अगर पिछला आम चुनाव गलत वोटर लिस्ट पर हुआ है, तो मौजूदा लोकसभा को मान्य नहीं माना जा सकता.
First Updated : Monday, 18 August 2025