भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. इस ऑपरेशन के तहत, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और हिजबुल मुजाहिदीन के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़, मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का मरकज और सियालकोट में हिजबुल मुजाहिदीन का प्रमुख केंद्र शामिल है.
भारतीय सशस्त्र बलों की ये कार्रवाई, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिकार में की गई. भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी लक्ष्यों को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट कर दिया गया.
भारतीय सेना के इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट और मुथफर्राबाद जैसे आतंकवादियों के गढ़ शामिल थे. ये कार्रवाई पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में की गई. रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है. ये पूरी कार्रवाई हमारी योजना के अनुसार सफलतापूर्वक संपन्न हुई.
युद्ध के अनुभवी मेजर अमित बंसल ने बताया कि इस तरह के गुप्त ऑपरेशन के लिए अत्यधिक योजना की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षा बलों ने कई महीनों तक इन ठिकानों की पहचान की और इनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी. हमारी योजना में लक्ष्यों की पहचान, गोला-बारूद का चुनाव, ऑपरेशन का समय और प्लेटफार्म (जैसे मिसाइल, ड्रोन आदि) का चयन किया गया था. उन्होंने ये भी बताया कि मानव खुफिया जानकारी (Human Intelligence) ने इस ऑपरेशन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हमने पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों और उनके रडार व वायुसेना की पूरी तरह से निगरानी की.
मेजर अमित बंसल ने ये भी कहा कि किसी भी ऑपरेशन की सफलता में मानव इंटेलिजेंस (HUMINT) का अहम योगदान होता है. उनका कहना था कि इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस को धोखा दिया जा सकता है, लेकिन मानव खुफिया जानकारी को नहीं. इस ऑपरेशन में हमारे पास पहले से ही लक्ष्यों की लिस्ट थी और उन पर सतत निगरानी चल रही थी.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम देने में दो हफ्ते का समय लगा, लेकिन मेजर बंसल ने इसे कोई आश्चर्यजनक बात नहीं माना. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक को भी 12 दिनों बाद अंजाम दिया गया था. गुप्त ऑपरेशन के लिए समय की योजना बनाना आवश्यक है और ये किसी भी आतंकी हमले का प्रतिकार करने के लिए सामान्य प्रक्रिया है.
भारतीय सशस्त्र बलों की इस कार्रवाई से ये स्पष्ट हो गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी कड़ी नीति को लेकर प्रतिबद्ध है. पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करके भारतीय सेना ने ये संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. First Updated : Thursday, 08 May 2025