Pahalgam Attack 1st Anniversary: PM Modi ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा भारत
आज, 22 अप्रैल 2026 को पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई. उन्होंने इस हमले को देश की अंतरात्मा पर बोझ बताते हुए कहा कि इस दुखद घटना को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.

नई दिल्ली: दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने इस हमले को देश की अंतरात्मा पर बोझ बताकर कहा कि इस त्रासदी को कभी भुलाया नहीं जा सकता.
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे झुकने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि पूरा देश शोक और संकल्प के साथ एकजुट है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी.
Remembering the innocent lives lost in the gruesome Pahalgam terror attack on this day last year. They will never be forgotten. My thoughts are also with the bereaved families as they cope with this loss.
As a nation, we stand united in grief and resolve. India will never bow to… — Narendra Modi (@narendramodi) April 22, 2026
पीएम मोदी का भावुक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पोस्ट में कहा,"पिछले साल इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं. उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस क्षति से उबरने की कोशिश कर रहे हैं,"
उन्होंने आगे कहा, "एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं. भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों की जघन्य योजनाएँ कभी सफल नहीं होंगी."
22 अप्रैल 2025: जब पहलगाम में हुई थी भयावह घटना
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हमला कर 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इनमें अधिकांश पर्यटक शामिल थे. इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और व्यापक आक्रोश देखने को मिला था.
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की कार्रवाई
इस हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत सैन्य कार्रवाई शुरू की. इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट किया गया.
भारतीय सेना का सख्त संदेश
प्रधानमंत्री के पोस्ट से कुछ ही मिनट पहले भारतीय सेना ने भी X पर कड़ा संदेश जारी किया. सेना ने कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब निश्चित है और न्याय हर हाल में मिलेगा.
इससे पहले भी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा था, "जब मानवता की सीमाएं पार की जाती हैं, तो प्रतिक्रिया निर्णायक हो जाती है."
एक अन्य पोस्ट में सेना ने लिखा ,"जब मानवता की सीमाएं पार की जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है. न्याय मिलता है. भारत एकजुट है,"
इसके साथ ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा एक प्रतीकात्मक चित्र भी साझा किया गया.
पहलगाम में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
पहलगाम हमले की बरसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ-साथ निगरानी भी बढ़ाई गई है, ताकि स्मरण कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके. इस कार्यक्रम में राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और पीड़ितों के परिवारों के शामिल होने की संभावना है.
बैसरन घाटी में बना स्मारक
हमले में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में पहलगाम की बैसरन घाटी में एक स्मारक का निर्माण किया गया है. काले संगमरमर से बने इस स्मारक पर सभी 26 पीड़ितों के नाम अंकित हैं, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू चालक आदिल शाह शामिल हैं. यह स्मारक लिद्दर नदी के किनारे स्थित है और श्रद्धांजलि का केंद्र बना हुआ है.


