पहाड़ों में बर्फबारी-बारिश का नया दौर, दिल्ली-NCR में फिर बढ़ेगी ठंड IMD का अलर्ट

पश्चिमी हिमालय में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते एक बार फिर मौसम बदलने वाला है. IMD के अलर्ट के मुताबिक पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश का असर दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंड और कोहरे के रूप में दिखेगा.

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नई दिल्ली: पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके असर से पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी तेज होने की संभावना है. इसका सीधा असर मैदानी इलाकों, खासकर दिल्ली-NCR में ठंड बढ़ने के रूप में देखने को मिल सकता है.

IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम खराब रह सकता है. घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है.

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिससे अगले सात दिनों तक बारिश और बर्फबारी की स्थिति बनी रह सकती है. 21 जनवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है.

कब और कहां होगी भारी बर्फबारी?

  • IMD का अनुमान है कि 22 से 26 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है.
  • 22-23 जनवरी: कश्मीर घाटी में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना
  • 23 जनवरी: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश के आसार

मैदानी इलाकों में बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक,

  • 22-24 जनवरी: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश
  • 23-24 जनवरी: पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना
  • 22-23 जनवरी: राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है

घना कोहरा बढ़ाएगा परेशानी

IMD ने बताया है कि अगले दो से तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की बहुत ज्यादा संभावना है. कोहरे की वजह से दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा और परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.

तापमान को लेकर क्या कहता है IMD?

IMD के एक सीनियर साइंटिस्ट के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. हालांकि, इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे ठंड की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है. First Updated : Wednesday, 21 January 2026

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