PM मोदी का 5 देशों का दौरा: तेल संकट से ब्लू इकोनॉमी तक, क्यों है इतना अहम?
ऐसे नाजुक वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक पांच देशों के रणनीतिक दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा का सबसे बड़ा फोकस ऊर्जा सहयोग है।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई गड़बड़ा गई है। तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। ऐसे नाजुक वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक पांच देशों के रणनीतिक दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा का सबसे बड़ा फोकस ऊर्जा सहयोग है। इसमें पारंपरिक तेल-गैस के साथ रिन्यूएबल एनर्जी और नई क्लीन टेक्नोलॉजी भी शामिल हैं।
यह दौरा भारत की उस सोच को दिखाता है जिसमें वह अपनी तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर और टिकाऊ ऊर्जा सुनिश्चित करना चाहता है। जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ FTA पर साइन के बाद यह पीएम मोदी की पहली यूरोप यात्रा होगी। यहां भारत अपने बड़े एक्सपोर्ट मार्केट के साथ व्यापारिक रिश्ते भी मजबूत करेगा।
UAE से होगी शुरुआत, तेल पर रहेगी नजर
दौरे की शुरुआत 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात से होगी। पीएम मोदी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिलेंगे। बातचीत में ऊर्जा सहयोग टॉप एजेंडा रहेगा। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और तेल का प्रमुख सप्लायर है।
मिडिल ईस्ट की अस्थिरता के बीच UAE की भूमिका भारत के लिए बेहद अहम हो गई है। दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और UAE में रहने वाले 45 लाख से ज्यादा भारतीयों के मुद्दों पर भी बात करेंगे।
नीदरलैंड: ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर चर्चा
15 से 17 मई तक पीएम मोदी नीदरलैंड्स में रहेंगे। प्रधानमंत्री रॉब जेटन के न्योते पर इस दौरे में ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, इनोवेशन और वाटर मैनेजमेंट पर साझेदारी बनेगी। 2024-25 में दोनों देशों के बीच 27.8 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। क्लीन एनर्जी में डच एक्सपर्टीज भारत को जीवाश्म ईंधन की निर्भरता घटाने में मदद करेगी।
स्वीडन में ग्रीन ट्रांजिशन पर जोर
17-18 मई को पीएम मोदी स्वीडन पहुंचेंगे। गोथेनबर्ग में प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से मुलाकात होगी। ग्रीन ट्रांजिशन, क्लाइमेट एक्शन, नई टेक्नोलॉजी और मजबूत सप्लाई चेन पर बात होगी। भारत-स्वीडन व्यापार 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। पीएम मोदी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे।
43 साल बाद नॉर्वे जाएंगे PM, होगा नॉर्डिक शिखर सम्मेलन
चौथा पड़ाव नॉर्वे होगा। 43 साल बाद कोई भारतीय पीएम वहां जा रहा है। पीएम मोदी प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे से मिलेंगे और इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में बोलेंगे। क्लीन-ग्रीन टेक, ब्लू इकोनॉमी और भारत-EFTA ट्रेड डील पर फोकस रहेगा।
19 मई को ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन होगा। इसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे। रिन्यूएबल एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, डिफेंस, स्पेस और आर्कटिक सहयोग पर चर्चा होगी।
इटली में क्लीन एनर्जी और इनोवेशन एजेंडे में
गौरतलब है कि दौरे का आखिरी पड़ाव इटली है। 19-20 मई को पीएम मोदी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से मिलेंगे। क्लीन एनर्जी, इनोवेशन, साइंस-टेक, व्यापार और निवेश पर खास बात होगी।


