'ऊपरवाले ने मुझे बचा लिया' जानलेवा हमले से बाल-बाल बचने के बाद पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला की पहली प्रतिक्रिया आई सामने

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के बाद तुरंत अमित शाह ने फोन पर बातचीत की. घटना के बाद अब्दुल्ला का पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला होने के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया. इस घटना के बाद 88 वर्षीय नेता ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा, "ऊपरवाले ने मुझे बचा लिया." उन्होंने बताया कि जब गोलियां चली, तो उन्हें लगा जैसे कोई शादी में पटाखे फोड़ रहा हो. हमले के बाद प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह सुरक्षित हैं और ईश्वर की कृपा से उनकी जान बच गई.

हमलावर की चूका निशाना 

फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी पीछे से एक व्यक्ति ने पिस्तौल तानकर उन पर गोली चलाई. गनीमत रही कि गोली चूक गई और उनकी सुरक्षा में तैनात कमांडोज ने तुरंत हमलावर को पकड़ लिया. अब्दुल्ला ने कहा, "मुझे पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी. 

सुरक्षाकर्मियों ने मुझे तुरंत कार में बिठाया. बाद में पता चला कि एक व्यक्ति ने दो गोलियां चलाई थी." उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हमलावर को नहीं जानते और न ही उसके मकसद के बारे में कुछ पता है.

बदला लेने की फिराक में था हमलावर

पुलिस ने हमलावर की पहचान जम्मू के 63 वर्षीय कमल सिंह जमवाल के रूप में की है. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की कोशिश कर रहा था.

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि वह अब्दुल्ला के बहुत करीब आया और बंदूक तानकर गोली चलाई, लेकिन निशाना चूक गया और NSG कमांडोज ने उसे दबोच लिया. हमलावर के पास लाइसेंसी हथियार था.

अमित शाह ने किया फोन 

फारूक अब्दुल्ला को Z+ सुरक्षा मिली हुई है, फिर भी हमलावर इतने करीब कैसे पहुंच गया? यह बड़ा सवाल है. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद फोन कर उनका हाल जाना और जांच का भरोसा दिया. अब्दुल्ला ने कहा कि गृह मंत्री ने जांच की बात कही है और जांच जरूरी है. शादी में पुलिस की मौजूदगी न होने को सुरक्षा की बड़ी कमी बताया जा सकता है.

नफरत के माहौल पर चिंता

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज समाज में बढ़ती नफरत ऐसी घटनाओं का कारण बन रही है. कोई धर्म नफरत नहीं सिखाता, सिर्फ प्यार सिखाता है. उनके बेटे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी सुरक्षा पर सवाल उठाए और कहा कि Z+ सुरक्षा के बावजूद बंदूकधारी इतने करीब कैसे पहुंच गया? फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है.

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